पंजाब में धार्मिक यात्रा के लिए नई बस सेवाओं की शुरुआत
धार्मिक यात्रा को सरल बनाने की पहल
पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि 1 अगस्त से मोहाली से खाटू श्याम, सालासर धाम, ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए नई बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। यह घोषणा उन्होंने मोहाली के सेक्टर-79 में आयोजित 'एक शाम भगवान शिव के नाम' भक्ति संध्या कार्यक्रम में की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से धार्मिक स्थलों तक नहीं पहुंच पाते।
नई बस सेवाओं का संचालन
सीएम मान ने कहा कि नई बस सेवाएं नियमित रूप से चलाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन आसानी से कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाएं और बिना किसी कठिनाई के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा का महत्व
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराना एक बड़ा पुण्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और धार्मिक यात्रा योजना भी इसी दिशा में एक कदम है।
पंजाब की भाईचारे की संस्कृति
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में सभी धर्मों के लोग मिलकर त्योहार और धार्मिक आयोजन मनाते हैं और नफरत फैलाने वाली ताकतों के लिए यहां कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता से टैक्स के रूप में प्राप्त धन का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए मावां धीया सम्मान योजना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 1 अगस्त से मावां धीया सम्मान योजना के तहत लगभग 40 लाख महिलाओं के मोबाइल फोन पर राशि मिलने के संदेश फिर से शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक लगातार पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रांतीय नेता दीपक बाली और मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
