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पंजाब में नशे के खिलाफ जनभागीदारी का अभियान

पंजाब सरकार का नशे के खिलाफ अभियान अब जनभागीदारी का एक बड़ा उदाहरण बन चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शुरू की गई 'सेफ पंजाब' हेल्पलाइन ने नागरिकों को गुमनाम सूचना देने का अवसर प्रदान किया है, जिससे पुलिस को ड्रग तस्करों तक पहुंचने में मदद मिली है। इस पहल के तहत अब तक 43,520 सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से 17,120 मामलों में कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भागीदारी और जागरूकता भी आवश्यक है।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान का नशा विरोधी अभियान

चंडीगढ़: पंजाब सरकार का नशे के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान अब केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जनसहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शुरू की गई 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप हेल्पलाइन को जनता से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। गुमनाम सूचना देने की सुविधा ने नागरिकों का विश्वास बढ़ाया है और पुलिस को ड्रग तस्करों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है।


गुमनाम सूचनाओं की संख्या में वृद्धि

'ड्रग के खिलाफ जंग' अभियान के तहत स्थापित 'सेफ पंजाब' हेल्पलाइन पर अब तक राज्यभर से 43,520 गुमनाम सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों को बिना किसी डर के नशा तस्करों की जानकारी साझा करने का सुरक्षित माध्यम प्रदान करना था। पहचान की गोपनीयता ने इस पहल को व्यापक जनसमर्थन दिलाया है।


पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्राप्त सूचनाओं की जांच के बाद पंजाब पुलिस ने 17,120 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में ड्रग तस्करी और अवैध गतिविधियों से जुड़े 21,962 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हर सूचना की गंभीरता से जांच की जाती है और सत्यापन के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाती है।


ई-रिक्शा के माध्यम से सूचना संग्रह

सरकार ने व्हाट्सएप हेल्पलाइन के साथ-साथ ई-रिक्शा के माध्यम से भी गुमनाम शिकायतें प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू की है। वर्तमान में यह सुविधा 3,440 गांवों में उपलब्ध है। यह मोबाइल व्यवस्था उन क्षेत्रों में भी पहुंच रही है जहां लोग सीधे पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। इससे नशा तस्करों के खिलाफ सूचनाएं जुटाने का दायरा और बढ़ गया है।


जनता का आभार

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि लोगों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य के नागरिक नशा मुक्त पंजाब की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोगों को उनकी पहचान सुरक्षित रहने का भरोसा मिलता है, तो वे कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में खुलकर सहयोग करते हैं। पुलिस हर विश्वसनीय सूचना पर त्वरित कार्रवाई कर रही है।


जागरूकता और पुनर्वास पर ध्यान

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की भागीदारी, जागरूकता और पुनर्वास भी उतने ही आवश्यक हैं। सरकार का मानना है कि जनता के सहयोग और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान आगे भी प्रभावी तरीके से जारी रहेगा।