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पंजाब में नशे के खिलाफ बीजेपी की नई पहल

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर बीजेपी ने एक नई पहल शुरू की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का आगाज किया है, जिसमें नशे के खिलाफ ठोस कदम उठाने का वादा किया गया है। चौहान ने AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के खिलाफ उनकी योजनाएं जल्द ही लागू होंगी। यात्रा का उद्देश्य राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता फैलाना है। जानें इस यात्रा के बारे में और क्या है इसके पीछे की रणनीति।
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बीजेपी की नशा मुक्त पंजाब यात्रा का आगाज


पंजाब में नशे की समस्या एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बठिंडा के तलवंडी साबो से बीजेपी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के चौथे चरण की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर निशाना साधते हुए नशे के खिलाफ बीजेपी की योजना साझा की।


नशे के नेटवर्क को तोड़ने का वादा

तलवंडी साबो में आयोजित कार्यक्रम में चौहान ने कहा कि यदि बीजेपी पंजाब में सत्ता में आती है, तो वह छह महीने के भीतर नशे की सप्लाई चेन और उससे जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने नशा तस्करों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। चौहान ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संदेश लेकर आए हैं।


AAP पर हमले की नई रणनीति

चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP पर नशे की समस्या को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि AAP ने सत्ता में आने से पहले नशे को खत्म करने के लिए समयसीमा तय की थी, लेकिन वह समयसीमा अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नशा तस्करों को किसका संरक्षण प्राप्त है।


दमदमा साहिब में माथा टेकने के बाद परिवारों से मुलाकात

यात्रा की शुरुआत से पहले चौहान ने तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेका। इसके बाद उन्होंने नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने नशे को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं और परिवारों से जुड़ी गंभीर सामाजिक समस्या बताया। इस कार्यक्रम में पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ समेत कई नेता उपस्थित थे।


117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा

बीजेपी के अनुसार, 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के चार चरणों का लक्ष्य राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचना है। यह अभियान 18 सितंबर से शुरू हुआ और 30 सितंबर को जालंधर में इसके समापन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। यात्रा के दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, इसलिए इस अभियान को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।