पंजाब में नशे के खिलाफ सियासी बयानबाजी तेज, वित्त मंत्री ने उठाए सवाल
चंडीगढ़ में नशे के मुद्दे पर बयानबाजी
चंडीगढ़: पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा की प्रस्तावित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान शुरू करने से पहले देश के अन्य हिस्सों में नशा तस्करी के मामलों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। चीमा ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर हुई बड़ी नशे की बरामदगी का उल्लेख करते हुए भाजपा से कार्रवाई की मांग की।
गुजरात में नशीले पदार्थों की बरामदगी पर सवाल
चीमा ने मीडिया से बातचीत में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3,000 किलोग्राम नशीले पदार्थों की बरामदगी का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि इस बड़े मामले में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। उनका कहना था कि भाजपा को पंजाब में नशा मुक्त यात्रा निकालने से पहले देश के अन्य हिस्सों में हो रहे ऐसे मामलों पर भी जवाब देना चाहिए।
अकाली-BJP सरकार के कार्यकाल का संदर्भ
चीमा ने यह भी कहा कि 2007 से 2017 के बीच अकाली दल-BJP सरकार के दौरान 'चिट्टा' शब्द पंजाब में नशे से जुड़ गया था। उन्होंने उस समय सरकारी वाहनों के माध्यम से नशे की आपूर्ति के आरोपों का भी जिक्र किया। चीमा ने एक ईडी अधिकारी के तबादले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस अधिकारी ने अकाली-BJP नेताओं से संबंधित जांच शुरू की थी।
सीमा सुरक्षा पर केंद्र की जिम्मेदारी
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब की लगभग 55 किलोमीटर सीमा केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है। इसलिए सीमा पार से नशा तस्करी रोकने में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पाकिस्तान से आने वाले नशे की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। यह मुद्दा पंजाब की नशा विरोधी राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान
चीमा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की तस्करी और खपत को रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, पंजाब पुलिस राज्य की सीमाओं से बाहर भी अभियान चलाकर तस्करों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम से तस्करी में कमी
चीमा ने कहा कि पंजाब में सीमा पार से तस्करी रोकने के लिए राज्य स्तर पर एंटी-ड्रोन व्यवस्था स्थापित की गई है। उनके अनुसार, इस तकनीक से पाकिस्तान से पंजाब में आने वाली नशे की खेप में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है। पंजाब पुलिस ने हाल ही में सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक और ड्रोन प्रतिक्रिया टीमों को मजबूत किया है।
