Newzfatafatlogo

पंजाब में मानसून की बारिश से मौसम में बदलाव

पंजाब में रविवार को मानसून की सक्रियता के चलते कई जिलों में जोरदार बारिश हुई, जिसमें अमृतसर और लुधियाना ने सबसे अधिक वर्षा दर्ज की। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि, लगातार बारिश से जलभराव और यातायात में बाधा आने की आशंका भी है। प्रमुख डैमों में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन अभी खतरे का कोई संकेत नहीं है। जानें और क्या है इस मौसम की स्थिति।
 | 

पंजाब में बारिश का दौर


रविवार की सुबह पंजाब में मानसून की सक्रियता के कारण कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। सुबह चार बजे से सात बजे के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में अच्छी वर्षा देखी गई। अमृतसर में सबसे अधिक 40.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि लुधियाना में 38.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।


जालंधर में 15.8 मिलीमीटर, रूपनगर में 13.8 मिलीमीटर और एसबीएस नगर में 5.2 मिलीमीटर बारिश हुई। चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर, पटियाला में 3.4 मिलीमीटर और पठानकोट में 4 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा, गुरदासपुर, होशियारपुर और फतेहगढ़ साहिब में भी हल्की बारिश हुई।


भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में बारिश का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। सोमवार और मंगलवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना है। इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात में बाधा आने की आशंका भी है। मौसम विभाग का कहना है कि 19 अगस्त से मौसम साफ होने की उम्मीद है।


डैमों में जलस्तर में वृद्धि

पंजाब में बारिश के चलते प्रमुख डैमों में पानी की आवक बढ़ रही है। हालांकि, भाखड़ा और पोंग डैम का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से नीचे है। दोनों जलाशयों में जितना पानी छोड़ा जा रहा है, उससे अधिक पानी लगातार आ रहा है। भाखड़ा डैम में जलस्तर 1617.88 फीट और पोंग डैम में 1352.37 फीट दर्ज किया गया है। वर्तमान में दोनों डैमों का जलस्तर सुरक्षित है, लेकिन पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जलस्तर पर निगरानी रखना आवश्यक है।