Newzfatafatlogo

पंजाब में मानसून की विदाई, मौसम में बदलाव की संभावना

पंजाब में मानसून की विदाई के साथ मौसम में बदलाव आ रहा है। 23 सितंबर को मानसून की वापसी की रेखा गुजरी, जिसके बाद मौसम शुष्क होने लगा है। तापमान में वृद्धि हो रही है, और बठिंडा में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि, 26 से 28 सितंबर के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। जानें इस मौसम परिवर्तन का क्या मतलब है और आगे क्या हो सकता है।
 | 

पंजाब में मानसून का समापन


पंजाब के अधिकांश क्षेत्रों से मानसून अब विदा हो चुका है। 23 सितंबर को मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर और चंडीगढ़ के माध्यम से गुजर रही थी, जिसके चलते प्रदेश और चंडीगढ़ में मौसम के शुष्क होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


आगामी मौसम की स्थिति

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 सितंबर को पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। 24 से 29 सितंबर के बीच मौसम विभाग ने किसी भी प्रकार की बड़ी चेतावनी जारी नहीं की है।


गर्मी में वृद्धि

मानसून के समाप्त होते ही दिन में धूप तेज हो गई है, जिससे दोपहर के समय गर्मी का अनुभव बढ़ रहा है। प्रदेश के औसत तापमान में लगभग 0.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, जो अब सामान्य तापमान के करीब पहुंच गया है। बठिंडा में बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की जा सकती है।


हल्की बारिश की संभावना

हालांकि मौसम पूरी तरह से शुष्क रहेगा, फिर भी 26 से 28 सितंबर के बीच पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के आसपास बना डीप डिप्रेशन अब जमीन पर पहुंच चुका है, और इसके आगे बढ़ने से उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में हवाओं का प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इसे मानसून की वापसी के बाद लगातार बारिश की शुरुआत नहीं माना जा रहा है। स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक मानसूनी बारिश का दौर कमजोर हो चुका है।


मानसून की विदाई का अर्थ

मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह से समाप्त हो गई है। मौसम विभाग मानसून की वापसी का निर्धारण लगातार बारिश में कमी, वातावरण में नमी की कमी और निचले वायुमंडलीय स्तरों में एंटी-साइक्लोन जैसी स्थितियों को ध्यान में रखकर करता है। इसलिए, आने वाले दिनों में स्थानीय कारणों से कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। पंजाब में मानसून की विदाई के साथ भाखड़ा और पोंग बांधों के जलस्तर भी डेंजर लेवल से नीचे बताए गए हैं।