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पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार कानून पर सरकार और अकाल तख्त के बीच समन्वय

पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सतकार से जुड़े कानून पर सरकार और अकाल तख्त के बीच समन्वय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक नई सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति दोनों पक्षों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी। पिछले कुछ महीनों से इस कानून में संशोधन को लेकर चर्चा चल रही है, और यह समिति इस प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण कदम है। जानें इस समिति में कौन-कौन शामिल है और इसके उद्देश्य क्या हैं।
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पंजाब में सतकार कानून पर समन्वय प्रक्रिया


पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सतकार से संबंधित कानून पर सरकार और श्री अकाल तख्त साहिब के बीच समन्वय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संदर्भ में, सरकार ने एक्ट 2026 के प्रावधानों और उनके कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए एक सात सदस्यीय तालमेल समिति का गठन किया है।


अकाल तख्त के निर्देशों के अनुसार समिति का गठन

यह समिति पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई है और यह श्री अकाल तख्त द्वारा पहले गठित समिति के साथ संपर्क में रहकर कार्य करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य सतकार कानून पर दोनों पक्षों के बीच संवाद और समन्वय को बढ़ावा देना है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अकाल तख्त ने जून 2026 में सरकार से एक्ट के कुछ प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था और कानून में संशोधन तक इसके कार्यान्वयन को रोकने का निर्देश दिया था।


समिति में शामिल विशेषज्ञ

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, तालमेल समिति में धार्मिक, न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसमें श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के मुखी संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, रिटायर्ड जस्टिस जसपाल सिंह और रिटायर्ड जस्टिस गुरबीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी जतिंदर सिंह औलख और वरिष्ठ कानून अधिकारी प्रीत इंदर पॉल सिंह भी इस समिति का हिस्सा हैं।


कानून में संशोधन पर चल रही चर्चा

श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार एक्ट में संशोधन को लेकर पिछले कुछ महीनों से चर्चा चल रही है। अप्रैल 2026 में पंजाब विधानसभा ने 2008 के कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक पारित किया था। इसके बाद, श्री अकाल तख्त साहिब ने कानून की कुछ धाराओं पर आपत्ति जताते हुए सरकार से उनमें बदलाव करने का अनुरोध किया था। अकाल तख्त ने सरकार के साथ बातचीत के लिए एक पांच सदस्यीय समिति भी बनाई थी।


सरकार और अकाल तख्त के बीच समन्वय की आवश्यकता

पंजाब सरकार की सात सदस्यीय तालमेल समिति का गठन इसी प्रक्रिया का अगला चरण माना जा रहा है। अकाल तख्त की समिति पहले ही सरकार से उसके निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट मांग चुकी है, और इसके बाद ही आगे की बातचीत पर जोर दिया गया था। नई समिति के माध्यम से सरकार और अकाल तख्त द्वारा गठित पैनल के बीच संवाद को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा।