पंजाब में सरकारी बस सेवाओं के लिए हड़ताल स्थगित, यात्रियों को मिली राहत
सरकारी बस सेवाओं में राहत की खबर
पंजाब में सरकारी बस सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए एक सकारात्मक समाचार आया है। रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारियों ने 22 सितंबर को होने वाली हड़ताल को फिलहाल टाल दिया है। यह निर्णय परिवहन सचिव अनुराग वर्मा के साथ बातचीत के बाद लिया गया। कर्मचारियों की लंबित मांगों पर 24 सितंबर को मंत्री के साथ चर्चा होगी।
बातचीत के बाद हड़ताल का स्थगन
सोमवार को पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारी संगठनों ने मुख्य सचिवालय में परिवहन सचिव अनुराग वर्मा के साथ बैठक की। इस बातचीत में कर्मचारियों की कई मांगों पर सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके परिणामस्वरूप, यूनियन ने मंगलवार से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया। इससे सरकारी बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को तुरंत राहत मिली है।
आउटसोर्स कर्मचारियों और सर्विस रूल पर चर्चा
कर्मचारी नेता शमशेर सिंह ने बताया कि बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी व्यवस्था में लाने और सर्विस रूल को अंतिम रूप देने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। सरकार ने लंबित मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। अब 24 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ कर्मचारियों की बैठक होगी, जिसमें मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और उसके बाद यूनियन आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगी।
हड़ताल का प्रभाव
कर्मचारी संगठनों ने नियमितीकरण समेत कई मांगों के लिए 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। यूनियन का कहना था कि इस आंदोलन के कारण पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की लगभग 2,700 बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। लगभग 5,500 चालक और कंडक्टरों के हड़ताल में शामिल होने की संभावना थी, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता था।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में ठेका कर्मचारियों को नियमित करना, परिवहन विभाग में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करना और समान कार्य के लिए नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं प्रदान करना शामिल हैं। यूनियन ने सरकारी बसों के बेड़े में नई बसें शामिल करने और पुरानी बसों को हटाने की भी मांग की है। इसके अलावा, पिछले आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई की भी मांग की गई है। 24 सितंबर की बैठक के बाद आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
