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पंजाब में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या का मामला: आरोपी गिरफ्तार

पंजाब की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी परमिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। मनजीत के गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते उसे अगवा कर आग लगा दी गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जानें पूरी कहानी और जांच की वर्तमान स्थिति।
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मनजीत कौर की हत्या की जांच में गिरफ्तारी


चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या के मामले में कपूरथला के परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मनजीत गर्भ में पल रहे बच्चे को उसका बताकर शादी के लिए दबाव बना रही थी। आरोपी को मनजीत के चरित्र पर संदेह था और उसने बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया।


बच्चे को लेकर विवाद की जड़

पुलिस के अनुसार, मनजीत और परमिंदर के बीच गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर लगातार तनाव बना रहा। मनजीत ने बच्चे को परमिंदर का बताकर शादी के लिए दबाव डाला, जबकि आरोपी उसके चरित्र पर शक करता था और बच्चे के पिता होने से इनकार करता था। इस मुद्दे पर दोनों के बीच कई बार कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।


कॉमन फ्रेंड के माध्यम से बुलाने का मामला

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, परमिंदर ने अपने कॉमन फ्रेंड शुभी के जरिए मनजीत को फोन कर सेक्टर-34 में मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि वहां वह अपने एक साथी के साथ पहुंचा और मनजीत को जबरन अपने साथ ले गया। इसके बाद उसे खरड़ की दिशा में ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।


आग लगाने का गंभीर आरोप

मनजीत की मां की शिकायत के अनुसार, 3 और 4 जुलाई की रात उनकी बेटी को गाड़ी में अगवा कर मोरिंडा के जंगल में ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसे सतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। बाद में एक परिचित वहां पहुंचा और कंबल की मदद से आग बुझाई। गंभीर हालत में मनजीत को मोरिंडा अस्पताल ले जाया गया।


अस्पताल में मौत और पुलिस की भूमिका पर सवाल

मोरिंडा अस्पताल से मनजीत को PGI रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की मां ने आरोप लगाया कि घटना के बाद खरड़ पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज नहीं किया। उनका कहना है कि मनजीत के होश में आने के बाद उसके बयान भी दर्ज नहीं किए गए। अब चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आए परमिंदर से पूछताछ के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।