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पंजाब यूनिवर्सिटी में नई शोध सुविधाओं का उद्घाटन

पंजाब यूनिवर्सिटी में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई शोध सुविधाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी। नए वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से शोध को नई दिशा देने की उम्मीद है। राधाकृष्णन ने शोध को समाज के लाभ के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल थीं।
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पंजाब यूनिवर्सिटी में नवाचार की नई शुरुआत

चंडीगढ़ में स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को शोध, विज्ञान और नवाचार से संबंधित नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने वैज्ञानिक उपकरण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने छात्रों को नशे से दूर रहने, सुरक्षा को प्राथमिकता देने और शोध के परिणामों को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह

नशे से दूर रहें युवा, सुरक्षा भी जरूरी

सीपी राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से खुद को बचाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपने परिवार और मित्रों को भी नशे से दूर रखने के लिए जागरूक करने की अपील की। पीएचडी छात्र की मृत्यु का उल्लेख करते हुए उन्होंने परिसर की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई है, जो अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।


उन्नत उपकरणों से रिसर्च को मिलेगी नई दिशा

पांच अत्याधुनिक उपकरणों से मजबूत होगी रिसर्च

उपराष्ट्रपति ने उन्नत वैज्ञानिक उपकरण केंद्र का उद्घाटन किया, जिसमें पांच आधुनिक मशीनें शामिल हैं। इनमें एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोप, रमन स्पेक्ट्रोमीटर, डीएनए सीक्वेंसर, फ्लो साइटोमीटर और एफटीआईआर स्पेक्ट्रोमीटर शामिल हैं। इन सुविधाओं से नैनो तकनीक, पदार्थ विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और जीनोमिक्स जैसे क्षेत्रों में शोध को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक तकनीक पर प्रयोग करने का बेहतर अवसर मिलेगा।


शोध का लाभ समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता

शोध का फायदा प्रयोगशाला से निकलकर समाज तक पहुंचे

राधाकृष्णन ने युवा वैज्ञानिकों से कहा कि शोध केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका सीधा लाभ समाज को मिलना चाहिए। उन्होंने शोधकर्ताओं को असफलताओं से सीखने और उपयोगी तकनीक विकसित करने की सलाह दी। उनका जोर ऐसे नवाचार पर था, जो आम लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सके और शोध को रोजगार तथा नए अवसरों से जोड़ने में मददगार बने।


नवाचार और उद्योग के बीच सहयोग पर जोर

नवाचार और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

पंजाब यूनिवर्सिटी के जैव-नेस्ट को धारा-8 के तहत गैर-लाभकारी कंपनी में बदलकर तकनीकी नवाचार मंच के रूप में स्थापित किया गया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय, उद्योग, नवाचार केंद्र और निवेशकों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर का संस्थान बनाने के लिए शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों से सुझाव मांगे। इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, सांसद मनीष तिवारी और वीसी प्रो. मीनाक्षी गोयल समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।