Newzfatafatlogo

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हुआ

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार को परीक्षा देने वाले छात्रों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। छात्रों ने रेलवे और परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई, जिसके चलते पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 | 
पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हुआ

पटना में छात्रों का प्रदर्शन


पटना: रविवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षा देने वाले छात्रों का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। इस दौरान स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जिसके चलते पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए स्टेशन क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


छात्रों की नाराजगी

जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र रेलवे और परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि उन्हें यात्रा और अन्य सुविधाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे पर छात्रों ने स्टेशन परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया।



स्थिति का बिगड़ना

स्थिति उस समय बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से पत्थरबाजी शुरू कर दी और स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उन्हें रेलवे ट्रैक और स्टेशन क्षेत्र खाली करने के लिए कहा, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।


जिलाधिकारी का बयान

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बताया कि रेलवे ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की थी और दो स्पेशल ट्रेनें पहले से स्टेशन पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में शामिल हो गए, जिन्होंने माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। इसके बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया।


आईजी का बयान

पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि स्टेशन पर लगभग 200 से 250 छात्र मौजूद थे और वे ट्रेन संचालन को प्रभावित कर रहे थे। पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों द्वारा पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग की और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।


पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों को स्टेशन परिसर से हटा दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनी हुई है। रेलवे प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित की जा रही हैं। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।