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पटना में संपत्ति कर में 15% की वृद्धि, नागरिकों पर पड़ेगा असर

पटना में संपत्ति मालिकों के लिए एक नया बदलाव आया है, जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स का निर्धारण वार्षिक किराया मूल्य में 15% की वृद्धि के साथ किया जाएगा। यह निर्णय बिहार सरकार की मंजूरी के बाद लागू हुआ है और नगर प्रशासन इसे राजस्व बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम मानता है। इस बदलाव के प्रभाव और संभावित कर वृद्धि पर नागरिकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। जानें इस नए नियम के तहत करदाताओं को क्या राहत मिलेगी और नगर निगम को कैसे अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
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पटना में संपत्ति कर में 15% की वृद्धि, नागरिकों पर पड़ेगा असर

पटना में संपत्ति कर में बदलाव


पटना के संपत्ति मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है। नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स का निर्धारण अब वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी) में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ किया जाएगा। यह निर्णय बिहार सरकार की मंजूरी के बाद प्रभावी हुआ है। लंबे समय के बाद इस संशोधन को नगर प्रशासन राजस्व बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। इस बदलाव के प्रभाव और संभावित कर वृद्धि पर नागरिकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।


तीन दशकों बाद एआरवी में संशोधन

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1995 के बाद पहली बार एआरवी में संशोधन किया गया है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत समय-समय पर किराया मूल्य में वृद्धि का प्रावधान है। हालांकि, पटना में यह बदलाव कई वर्षों बाद लागू हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती शहरी जरूरतों और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई दरें 24 जून से लागू हो चुकी हैं और संपत्ति कर का निर्धारण अब संशोधित आधार पर किया जाएगा।


निगम को मिलेगा अतिरिक्त राजस्व

नगर प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्राप्त अतिरिक्त राशि का उपयोग शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने में किया जाएगा, जिसमें सड़कों का विकास, जलनिकासी व्यवस्था में सुधार, स्वच्छता सेवाओं का विस्तार और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना शामिल है। निगम का दावा है कि बढ़े हुए राजस्व का सीधा लाभ शहरवासियों को मिलेगा और शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।


सड़कों के आधार पर कर निर्धारण

संपत्ति कर निर्धारण के लिए सड़कों को उनकी चौड़ाई के अनुसार तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़कें प्रधान मुख्य सड़क, 20 से 40 फीट चौड़ी सड़कें मुख्य सड़क और 20 फीट से कम चौड़ी सड़कें अन्य सड़कों की श्रेणी में रखी गई हैं। इसके साथ ही वाणिज्यिक, औद्योगिक और आवासीय संपत्तियों को अलग-अलग वर्गों में शामिल किया गया है। इन्हीं मानकों के आधार पर कर की गणना की जाती है।


करदाताओं को राहत

नई दरों के बीच नगर निगम ने करदाताओं को एक राहत भी दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 30 जून तक एकमुश्त संपत्ति कर जमा करने वालों को पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। प्रशासन ने नागरिकों से समय पर कर भुगतान कर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। माना जा रहा है कि यह कदम लोगों को समय पर कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और निगम की आय में भी स्थिरता लाएगा।