पठानकोट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई गतिविधियों की शुरुआत
पठानकोट में रोमांचक पर्यटन की नई पहल
पठानकोट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई शुरुआत की गई है। चमरोड पत्तन को एक रोमांचक गंतव्य बनाने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है। यहां पैरासेलिंग और अन्य जल क्रीड़ाएं शुरू हो चुकी हैं। रंजीत सागर बांध की झील में पैरासेलिंग का सफल परीक्षण किया गया है, और अगस्त के अंत तक जेट स्की, गर्म हवा के गुब्बारे और अन्य गतिविधियों की शुरुआत की योजना है। इससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मिनी गोवा में रोमांच का अनुभव
चमरोड पत्तन में पर्यटकों के लिए पैरासेलिंग और जल आधारित मनोरंजन की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। यहां पहले से जिप लाइन, एटीवी, निशानेबाजी, गर्म हवा के गुब्बारे और घुड़सवारी जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं। संचालक पुनीत पिंटा के अनुसार, प्राकृतिक सुंदरता के साथ साहसिक गतिविधियों के शुरू होने से पर्यटकों का ठहराव बढ़ सकता है।
जल गतिविधियों की जल्द शुरुआत
रंजीत सागर बांध की झील में पैरासेलिंग का सफल परीक्षण हो चुका है, लेकिन नियमित सेवा अभी शुरू नहीं हुई है। अगस्त के अंत तक जेट स्की, एयर बैलून और अन्य जल आधारित रोमांचक गतिविधियों की शुरुआत की योजना है। इससे झील को पंजाब के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की कोशिश को गति मिल सकती है।
पंजाब में पहली बार क्रूज सेवाएं
पंजाब में पहली बार इस क्षेत्र में दो क्रूज चलाने की योजना बनाई गई है। ये क्रूज 95 और 45 यात्रियों की क्षमता के होंगे। बांध से मुक्तेश्वर धाम तक लगभग आठ किलोमीटर की यात्रा कराई जाएगी। प्रति व्यक्ति किराया जीएसटी सहित 850 रुपये निर्धारित किया गया है, और वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत छूट मिलेगी। क्रूज में भोजन, शौचालय और प्रत्येक यात्री के लिए 10 लाख रुपये का बीमा भी शामिल होगा।
पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ
पर्यटन में वृद्धि से होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलने की उम्मीद है। संचालक के अनुसार, पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी पर्यटकों के आने की संभावना है। मिनी गोवा का एक साल का ठेका 70 लाख रुपये और झील की ओर का ठेका 40 लाख रुपये तय किया गया है। नई गतिविधियां क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद कर सकती हैं।
