परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम: ठंड में जमने से आई कठिनाई
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता का शव
पंजाब समाचार: पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा का शव शनिवार को पीजीआई चंडीगढ़ में पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया। शव को रविवार सुबह 5 बजे उनके गांव मानसा भेजा जाएगा। पहले, शव को 25 दिनों तक माइनस 20 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया था, जिससे टिश्यू सख्त हो गए थे और पोस्टमॉर्टम में कठिनाई आई।
पोस्टमॉर्टम में आई कठिनाइयाँ
पीजीआई में शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम की तैयारी के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सामान्य तरीके से ब्लेड चलाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। जमे हुए टिश्यू पर ब्लेड चलाना मुश्किल हो रहा था, जिससे विशेषज्ञों को चोट लगने का खतरा भी था। शरीर के आंतरिक अंगों की जांच करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
अधिकारियों को सूचित किया गया
झोटा का शव गुरुवार रात लगभग तीन बजे पीजीआई पहुंचा। शुक्रवार सुबह से ही पंजाब पुलिस, चंडीगढ़ पुलिस, सीबीआई और एसडीएम की टीमें पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मौजूद थीं, लेकिन दोपहर एक बजे तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इस दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शव की स्थिति का आकलन किया और अधिकारियों को तकनीकी समस्याओं के बारे में बताया।
हत्या का मामला
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मेडिकल स्टोर के संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
