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परेश राणपरा ने एनएचपीसी लिमिटेड में निदेशक (कार्मिक) का कार्यभार संभाला

परेश राणपरा ने 30 जुलाई 2026 को एनएचपीसी लिमिटेड में निदेशक (कार्मिक) का कार्यभार संभाला। उनके पास विद्युत क्षेत्र में 31 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने ग्रिड-इंडिया तथा जीयूवीएनएल में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। एनएचपीसी में, वे मानव संसाधन कार्यों को रणनीतिक दिशा देंगे, जिससे कंपनी की प्रगति और संगठनात्मक उत्कृष्टता में योगदान मिलेगा।
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पदभार ग्रहण करने की जानकारी

फ़रीदाबाद - परेश राणपरा ने 30 जुलाई 2026 को भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एनएचपीसी लिमिटेड में निदेशक (कार्मिक) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस पद पर नियुक्ति से पहले, श्री राणपरा ग्रिड-इंडिया में निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने मानव संसाधन प्रबंधन, प्रतिभा विकास, संगठनात्मक क्षमता निर्माण और कार्यबल योजना में महत्वपूर्ण नेतृत्व प्रदान किया।


श्री राणपरा का अनुभव

श्री राणपरा के पास विद्युत क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी संगठनों में 31 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा से सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर (एमएसडब्ल्यू) और सरदार पटेल विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन में स्नातक (बीबीए) की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, वह एक्सएलआरआई जमशेदपुर से प्रमाणित मूल्यांकनकर्ता भी हैं।


ग्रिड-इंडिया में कार्यकाल

ग्रिड-इंडिया में रहते हुए, श्री राणपरा ने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी कर क्षमता निर्माण अवसंरचना को मजबूत किया। उन्होंने दीर्घकालिक नेतृत्व निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सफलतापूर्वक उत्तराधिकार योजना पहलों को लागू किया और अंतरराष्ट्रीय परामर्श कार्यों के अवसरों को भी खोजा।


जीयूवीएनएल में कार्य अनुभव

ग्रिड-इंडिया में शामिल होने से पहले, श्री राणपरा ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) में मानव संसाधन प्रमुख के रूप में कार्य किया। यहाँ उन्होंने 60,000 से अधिक कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन नीतियों का निर्माण किया और संगठनात्मक परिवर्तन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


एनएचपीसी में नई जिम्मेदारियाँ

एनएचपीसी लिमिटेड के निदेशक (कार्मिक) के रूप में, श्री राणपरा कंपनी के मानव संसाधन कार्यों को रणनीतिक दिशा देंगे। उनके दायित्वों में मानव संसाधन नियोजन, प्रतिभा प्रबंधन, संगठनात्मक विकास, औद्योगिक संबंध, अधिगम एवं विकास, और कर्मचारी सहभागिता शामिल हैं। उनके अनुभव से एनएचपीसी की मानव संसाधन क्षमताएँ और मजबूत होंगी, जिससे कंपनी की प्रगति और संगठनात्मक उत्कृष्टता में योगदान मिलेगा।