पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ हत्या मामले में CBI का बड़ा खुलासा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या की जांच में नया मोड़
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में CBI ने अपनी चार्जशीट पेश की है, जिसमें 11 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस जघन्य साजिश के पीछे अपने ही लोग शामिल हैं। CBI ने इस मामले में उसी कार्यालय के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जहां रथ काम करते थे।
हत्या की साजिश का खाका
CBI की गहन जांच से पता चला है कि चंद्रनाथ रथ को खत्म करने की योजना रातोंरात नहीं बनी थी, बल्कि दिसंबर 2025 से उनकी हत्या की योजना बनाई जा रही थी। इस खौफनाक योजना को अंजाम देने की तारीख बार-बार टलती रही। हाल ही में, रथ के कार्यालय में काम करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सागर सोनकर और उसके भाई साहिब सोनकर को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने उत्तर प्रदेश के शूटरों को इस हत्या को अंजाम देने के लिए सुपारी दी थी।
राजनीतिक साजिश की संभावना
इस हत्या के मामले में राजनीतिक साजिश के पहलू की भी गहराई से जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों ने बताया है कि राज्य के एक अन्य राजनीतिक दल के एक पदाधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी सागर सोनकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले, 2020 तक एक प्रतिद्वंद्वी पार्टी के विधायक के लिए काम करता था। इस खुलासे के बाद मामले में राजनीतिक साजिश की गहराई और बढ़ गई है।
भवानीपुर चुनाव और 6 मई का काला दिन
चंद्रनाथ रथ की राजनीतिक महत्वता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी के चुनाव प्रचार की पूरी योजना बनाई थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के केवल दो दिन बाद, 6 मई को मध्यग्राम में उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अब तक की गिरफ्तारियां
पश्चिम बंगाल सरकार के विशेष अनुरोध पर CBI ने इस मामले को अपने हाथ में लिया था। एजेंसी ने अब तक उत्तर प्रदेश से जुड़े छह कुख्यात शूटरों- मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, इस हत्या की योजना बनाने वाले तीन बिचौलियों विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
