पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और मानवीय मदद की अपील
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जहां नेता सरदार अमान खान ने भारत से मानवीय सहायता की मांग की है। खान का कहना है कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है। उन्होंने लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) खोलने की भी अपील की है, ताकि नागरिकों को भारत जाने का विकल्प मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है, जिससे इस्लामाबाद के नियंत्रण के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
| Jul 6, 2026, 12:38 IST
विरोध प्रदर्शनों का बढ़ता सिलसिला
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस संदर्भ में, जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेता सरदार अमान खान ने भारत से मानवीय सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की कठोर नीतियों ने इस क्षेत्र को गंभीर संकट में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में खान ने कहा कि PoK में लोग खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने नई दिल्ली से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। खान ने कहा, "हमें भारत की मदद की आवश्यकता है। राशन की कमी है और हमें आपकी सहायता की जरूरत है।"
LoC खोलने की मांग
LoC खोलने की मांग
रावलकोट के ईदगाह मैदान में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए, खान ने लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) को खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो नागरिकों के पास भारत जाने का विकल्प होना चाहिए। उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या उन्हें LoC की ओर मार्च करना चाहिए, जिस पर लोगों ने बार-बार "उसकी ओर बढ़ो" का जवाब दिया। खान ने पुंछ और डोडा सेक्टर में भी LoC खोलने की अपील की और कहा कि पाकिस्तान के कदमों ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि लोगों की मांगों का जवाब बल से दिया गया, तो हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं। एक दिन बाद जारी एक अलग वीडियो संदेश में, खान ने अपनी अपील को जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों तक बढ़ाया, जिसमें श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, करगिल और गिलगित-बाल्टिस्तान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि PoJK पिछले एक महीने से लगातार दबाव और दमन का सामना कर रहा है और सभी से आग्रह किया कि वे चल रही घटनाओं के प्रति जागरूक रहें।
PoK में विरोध-प्रदर्शन का कारण
PoK में विरोध-प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
यह अपील ऐसे समय में आई है जब पूरे PoK में सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। शुरुआत में ये प्रदर्शन आर्थिक मुद्दों और प्रशासनिक तरीकों पर केंद्रित थे, लेकिन अब इनका राजनीतिक स्वरूप भी उभरकर सामने आया है। पिछले हफ्ते हुई एक बड़ी रैली में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए कि "PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है" और "हमें आज़ादी चाहिए।" इससे इस क्षेत्र पर इस्लामाबाद के नियंत्रण के खिलाफ बढ़ते गुस्से का संकेत मिलता है। हाल के हफ्तों में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, सुरक्षा अभियानों और उन पर लगाई गई पाबंदियों की खबरों के बाद विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। 5 जून को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' पर प्रतिबंध लगाने और इसे "आतंकवादी" समूह घोषित करने के बाद अशांति और बढ़ गई। इसके बाद से सुरक्षा बलों ने कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आलोचकों का कहना है कि इस कदम ने स्थिति को काबू में लाने के बजाय जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।
