Newzfatafatlogo

पाकिस्तान के राष्ट्रपति का हिंदू समुदाय पर विवादास्पद बयान

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हाल ही में हिंदू समुदाय के बारे में एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अन्य देशों की तरह स्वतंत्र हैं। हालांकि, उनके द्वारा दिए गए आंकड़े पाकिस्तान की आधिकारिक जनगणना से मेल नहीं खाते। जानें इस बयान के पीछे की राजनीति और हिंदू आबादी के आंकड़ों की सच्चाई।
 | 

जरदारी का बयान और उसकी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हाल ही में हिंदू समुदाय के बारे में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने चर्चा को जन्म दिया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू 'उतने ही स्वतंत्र' हैं, जितने अन्य देशों में होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिंदू भारत की तुलना में अपने देश में रहना अधिक पसंद करते हैं। यह बयान 14 अगस्त को इस्लामाबाद में आयोजित विजय स्मारक समारोह के दौरान दिया गया, जो पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में था। यह स्मारक 2025 में भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान की 'जीत' की याद में बनाया गया है।


हिंदू आबादी और राजनीतिक सोच

जरदारी ने पाकिस्तान में हिंदू आबादी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लगभग तीन से चार प्रतिशत है और वहां के हिंदू उतने ही सुरक्षित हैं, जितने किसी अन्य स्थान पर। उन्होंने पाकिस्तान की सहिष्णुता की बात करते हुए कहा कि वहां ऐसे मुसलमान हैं जो अन्य समुदायों को स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू भारत जाने के बजाय अपने देश में रहना पसंद करते हैं।


आंकड़ों में असंगति

हालांकि, उनके इस दावे के साथ पाकिस्तान में हिंदू आबादी के आंकड़े सवाल उठाते हैं। जरदारी ने हिंदुओं की संख्या तीन से चार प्रतिशत बताई, जबकि पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स की 2023 की जनगणना में हिंदुओं की संख्या 38,67,729 बताई गई है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 1.61 प्रतिशत है। इसके अलावा, अनुसूचित जातियों के तहत 13,49,487 लोग दर्ज किए गए हैं। यदि दोनों को मिलाया जाए, तो यह संख्या 52,17,216 तक पहुंचती है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 2.17 प्रतिशत है।


सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय

पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की सबसे बड़ी संख्या सिंध प्रांत में है, जहां 2023 की जनगणना के अनुसार 35,75,848 हिंदू हैं, जो प्रांत की कुल जनसंख्या का लगभग 6.43 प्रतिशत है। यहां अनुसूचित जातियों के तहत भी बड़ी संख्या में लोग दर्ज हैं। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय समान रूप से फैला हुआ नहीं है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा सिंध में केंद्रित है।


राजनीतिक संदर्भ

जरदारी का यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान अपनी राष्ट्रीय पहचान और भारत के साथ संबंधों पर चर्चा कर रहा था। उनके भाषण में हिंदू अल्पसंख्यक, पाकिस्तान की मुस्लिम पहचान और 'अखंड भारत' जैसे मुद्दे एक साथ आए हैं। यह केवल एक सामाजिक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदर्भ का हिस्सा भी है।