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पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 27 मारे गए

पाकिस्तान के उत्तरी वज़ीरिस्तान में सुरक्षा बलों ने हाल ही में एक सफल अभियान चलाते हुए 27 आतंकवादियों को मार गिराया। यह कार्रवाई मीर अली और मीरानशाह क्षेत्रों में की गई, जहां सुरक्षा बलों ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में आतंकवाद को समाप्त करना और स्थानीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। जानें इस अभियान की विस्तृत जानकारी और इसके पीछे की रणनीति।
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पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 27 मारे गए

उत्तरी वज़ीरिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने पिछले तीन दिनों में उत्तरी वज़ीरिस्तान में कई अभियानों के दौरान फ़ितना अल-ख्वारिज से जुड़े 27 आतंकवादियों को मार गिराया। यह जानकारी सेना की मीडिया शाखा ने रविवार को साझा की।


अंतर-सेवा जनसंपर्क (आईएसपीआर) के अनुसार, सुरक्षा बलों ने उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के मीर अली और मीरानशाह क्षेत्रों में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया।


आईएसपीआर ने बताया कि इस कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 27 आतंकवादी मारे गए। बयान में कहा गया कि घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए।


सेना ने यह भी बताया कि इस अभियान के तहत मीरानशाह के प्रमुख स्थानीय व्यक्ति शहीद मलिक सैफुल्लाह दावर की लक्षित हत्या का बदला लिया गया। आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में छिपे आतंकवादियों को खत्म करने के लिए तलाश अभियान जारी है।


'अज्म-ए-इस्तेहकाम' अभियान के तहत कार्रवाई

सेना की मीडिया शाखा ने स्पष्ट किया है कि वज़ीरिस्तान के इन क्षेत्रों में अभी भी कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की संभावना है, जिन्हें समाप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर 'क्लियरेंस और सर्च ऑपरेशन' चलाया जा रहा है।


बयान में आगे कहा गया, "सुरक्षा बल और देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​'अज्म-ए-इस्तेहकाम' (Operation Azm-e-Istehkam) अभियान के तहत अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखेंगी। यह अभियान पाकिस्तान की धरती पर विदेशी ताकतों द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के देश के अटूट संकल्प की पुष्टि करता है।"


उत्तरी वज़ीरिस्तान में आतंकवाद का इतिहास

उत्तरी वज़ीरिस्तान का यह क्षेत्र लंबे समय से सीमा पार और आंतरिक आतंकवाद का केंद्र रहा है। 72 घंटों के भीतर 27 आतंकवादियों का खात्मा सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। हालांकि, क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सेना को इन दुर्गम इलाकों में अपनी मुस्तैदी बनाए रखनी होगी।