पाकिस्तान में इमरान खान की मौत की अफवाहें, परिवार ने मिलने से रोके जाने का आरोप लगाया
सोशल मीडिया पर इमरान खान की मौत का दावा
नई दिल्ली- पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने एक वीडियो में कहा है कि रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (GHQ) में तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि इमरान खान अब जीवित नहीं हैं। हालांकि, पत्रकार ने यह भी कहा कि वह इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सके हैं।
अधिकारियों की बातों का संदर्भ
वजाहत सईद खान ने बताया कि उन्होंने GHQ में मौजूद अधिकारियों से बातचीत की, जिन्होंने इमरान खान के बारे में समान बातें कही हैं। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों ने खुद इमरान खान को नहीं देखा है, इसलिए इसे आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।
परिवार की चिंताएं
इमरान खान के परिवार ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस स्थिति ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। हालांकि, इमरान खान की मौत की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
वजाहत का बयान
वजाहत ने अपने वीडियो में कहा कि वह आशा करते हैं कि यह दावा गलत साबित हो। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इसकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे निश्चित तथ्य नहीं माना जा सकता।
वजाहत सईद खान का परिचय
वजाहत सईद खान एक प्रमुख मल्टीमीडिया और खोजी पत्रकार हैं, जो पाकिस्तानी सेना, राजनीति, सुरक्षा और आतंकवाद से संबंधित मामलों पर रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई प्रमुख मीडिया संस्थानों जैसे Geo News, Dawn News, CNN और NBC News के साथ काम किया है।
इमरान खान का राजनीतिक सफर
इमरान खान 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन अप्रैल 2022 में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण उनकी सरकार गिर गई। सत्ता से बाहर होने के बाद से उनके और पाकिस्तान की सेना के बीच तनाव बढ़ता गया, जिसके चलते उनके खिलाफ कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए।
गिरफ्तारी की घटना
इमरान खान को 9 मई 2023 को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा और प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।
