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पीओके में 80,000 लोगों का भारत की ओर बढ़ने का आह्वान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 80,000 लोगों ने भारत की ओर बढ़ने की मांग की है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भारत से मदद की अपील की है। इस ऐतिहासिक घटना में प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे भारत में प्रवेश करना चाहते हैं। भारत सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ पाकिस्तानियों को आतंकवादी घोषित किया है। जानें इस स्थिति के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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पीओके में ऐतिहासिक प्रदर्शन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लगभग 80,000 लोगों ने पहली बार भारत की ओर मुंह करके एक अनोखी मांग उठाई है। इन लोगों ने सीमा के निकट आकर बड़े स्पीकर लगाए और जम्मू कश्मीर की दिशा में आवाज उठाई। पीओके के निवासियों ने भारत और विशेष रूप से जम्मू कश्मीर के लोगों से एक अपील की है। माइक और स्पीकर के माध्यम से इन हजारों लोगों ने जो कहा, वह सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। उन्होंने यह तक कह दिया है कि हम भारत की ओर आना चाहते हैं। कृपया सीमा खोलें।


खाद्य संकट और मदद की अपील

पीओके में हालात बिगड़ने के कारण, प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की सरकार ने पिछले तीन हफ्तों से पीओके में खाद्य सामग्री की आपूर्ति रोक दी है। ऐसे में इन हजारों लोगों ने भारत और जम्मू कश्मीर के निवासियों से सहायता की गुहार लगाई है।


भारत की ओर बढ़ने की इच्छा

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सरदार अमन खान ने वहां उपस्थित 80,000 लोगों से पूछा कि क्या वे नियंत्रण रेखा की ओर बढ़ना चाहते हैं। इस पर रावलकोट के ईदगाह मैदान में जमा भीड़ ने बार-बार हां में जवाब दिया।


पाकिस्तानी सेना से टकराव की चेतावनी

इन लोगों ने स्पष्ट किया कि वे चाहते हैं कि भारत सीमा खोले ताकि वे भारत में प्रवेश कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान की सेना ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वे जवाब देंगे। हालांकि, एक बड़ी समस्या यह है कि भारत इन लोगों को शरणार्थियों के रूप में कैसे स्वीकार करेगा।


भारत सरकार का एक्शन

इस बीच, भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें 23 पाकिस्तानियों को यूएपीए कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। इनमें से अधिकांश आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं।