Newzfatafatlogo

पीवी सिंधु ने जापान ओपन में जीता खिताब, इतिहास रचते हुए अकाने यामागुची को हराया

पीवी सिंधु ने रविवार को जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। यह सिंधु का दो साल में पहला बीडब्ल्यूएफ टूर खिताब है और वह इस प्रतियोगिता को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इस जीत ने उनके लिए सुपर 750 खिताब जीतने का सात साल का इंतजार समाप्त कर दिया। जानें इस शानदार मुकाबले के बारे में और कैसे सिंधु ने अपनी जीत सुनिश्चित की।
 | 

जापान ओपन सुपर 750 में पीवी सिंधु की जीत

टोक्यो: पूर्व विश्व चैंपियन और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता शटलर पीवी सिंधु ने रविवार को जापान ओपन सुपर 750 का खिताब अपने नाम किया। यह सिंधु का बीडब्ल्यूएफ टूर पर दो वर्षों में पहला खिताब है।


सिंधु ने फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी अकाने यामागुची को शानदार प्रदर्शन करते हुए 21-17, 21-17 से हराया। इस जीत के साथ, वह जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।


यह सिंधु का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी टूर्नामेंट जीतने के बाद हासिल किया। इस जीत ने उनके लिए सुपर 750 या उससे ऊपर के खिताब जीतने का सात साल का इंतजार समाप्त कर दिया। सिंधु को इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ किस्मत का भी साथ मिला। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व नंबर 5 हान यू को हराया, और क्वार्टर फाइनल तथा सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी चोटिल हो गईं।


फाइनल मुकाबले की शुरुआत में सिंधु ने आक्रामक खेल दिखाया, शुरुआती दो अंक हासिल किए और तीसरे अंक के लिए सफल चुनौती देकर 3-0 की बढ़त बनाई। हालांकि, यामागुची ने जल्द ही वापसी की और स्कोर बराबर कर दिया। सिंधु ने यामागुची की कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए 9-7 की बढ़त बनाई, लेकिन यामागुची ने दबाव में बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्कोर को बदल दिया। मिड-गेम इंटरवल तक उन्होंने बढ़त बना ली।


खेल दोबारा शुरू होने पर सिंधु का खेल और भी आक्रामक हो गया। उन्होंने यामागुची को बैकफुट पर धकेलते हुए 16-12 की बढ़त बनाई। दोनों खिलाड़ियों के बीच स्कोर 17-17 पर बराबर हो गया, लेकिन सिंधु ने लगातार चार अंक हासिल कर पहले गेम को 21-17 से जीत लिया।


दूसरे गेम की शुरुआत भी सिंधु के लिए शानदार रही। उन्होंने 6-3 की बढ़त बनाई और फिर इसे 8-3 तक बढ़ा दिया। यामागुची ने चार अंक जीतकर सिंधु की गति को कुछ समय के लिए रोका, लेकिन सिंधु ने 11-7 की बढ़त के साथ मिड-गेम ब्रेक में प्रवेश किया।


ब्रेक के बाद यामागुची दबाव में नजर आईं। सिंधु ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए 14-7 की बढ़त बना ली। यामागुची ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने तेजी से तीन मैच प्वाइंट बनाए और 21-17 से गेम जीतकर खिताब पर कब्जा कर लिया।