पुतिन का ब्रिक्स सम्मेलन में पश्चिमी देशों पर हमला
ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत
नई दिल्ली में, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले ही स्पष्ट कर दिया कि भारत की इच्छाओं के बावजूद, वे इस फोरम के माध्यम से पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका और यूरोप पर निशाना साधेंगे। ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए, पुतिन ने पश्चिमी देशों की स्थिति को कमजोर बताया और यह भी कहा कि यह समझ से परे है कि ये देश खुद को जी7 क्यों कहते हैं।
भारत की दृष्टि
भारत हमेशा से ब्रिक्स को एक गैर-पश्चिमी समूह के रूप में देखता है और इसकी छवि को पश्चिमी विरोधी के रूप में स्थापित नहीं करना चाहता। हालांकि, रूस, चीन और ईरान की दृष्टि इस मामले में भिन्न है। पुतिन ने 12 सितंबर को ब्रिक्स की औपचारिक बैठक से पहले अपने इरादे स्पष्ट कर दिए।
पुतिन ने पश्चिमी देशों को कमजोर बताते हुए ब्रिक्स को एक मजबूत समूह के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक जीडीपी में योगदान 40 प्रतिशत से अधिक है, जबकि जी7 का केवल 29 प्रतिशत है। हालांकि, ब्रिक्स का वैश्विक व्यापार में हिस्सा 25 प्रतिशत है, और ये देश आपस में जितना व्यापार करते हैं, उससे कहीं अधिक अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की जनसंख्या दुनिया की आधी है और ये 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी में योगदान देते हैं। मोदी ने व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और सुरक्षित समुद्री मार्गों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में वैश्विक जीडीपी लगभग ढाई गुना बढ़ी है, जबकि ब्रिक्स देशों की जीडीपी साढ़े चार गुना बढ़ी है। इसका मतलब है कि ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की तुलना में तेजी से बढ़ रही है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब नवाचार और नई तकनीक के बड़े केंद्र बन रहे हैं।
ब्रिक्स का 20 साल का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि इस वर्ष ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2006 में जब ब्रिक्स की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश शामिल थे। अब सदस्य और साझेदार देशों को मिलाकर ब्रिक्स परिवार 21 देशों तक पहुंच गया है।
बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस बार यहां सदस्य और साझेदार देशों के दो हजार से अधिक कारोबारी नेता और प्रतिनिधि उपस्थित हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।
