पुलिस कमिश्नर की सख्त कार्रवाई: जन शिकायतों की अनदेखी पर पांच चौकी प्रभारी निलंबित
नोएडा में जन शिकायतों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में जन शिकायतों की अनदेखी और समय पर समाधान न करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कार्रवाई की है। इस क्रम में पांच चौकी प्रभारियों को निलंबित किया गया है, जबकि तीन सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), तीन थाना प्रभारी और 17 चौकी व हल्का प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक विभागीय जांच शुरू की गई है। यह कदम पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने और जन शिकायतों के निस्तारण में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया और असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ। इसके अलावा, चोरी, घरों में सेंधमारी, वाहन चोरी और झपटमारी जैसी घटनाओं की रोकथाम में भी लापरवाही बरती गई।
क्राइम मीटिंग में समीक्षा की गई
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बुधवार रात को आयोजित क्राइम मीटिंग में जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान शिकायतों की बढ़ती संख्या और असंतोषजनक फीडबैक को लेकर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में यह स्पष्ट किया गया कि केवल शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुनना और उसका उचित समाधान करना भी आवश्यक है। लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
निलंबित चौकी प्रभारियों की सूची
जन शिकायतों का उचित समाधान न करने के कारण पांच चौकी प्रभारियों को निलंबित किया गया है। इनमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की विभिन्न चौकियों के प्रभारी शामिल हैं।
निलंबित चौकी प्रभारियों में मोरना चौकी के प्रभारी अजित सिंह, सेक्टर-12/22 चौकी के प्रभारी अक्षय प्रताप, आरआर साइट चौकी के प्रभारी बिरजलाल, कस्बा सूरजपुर चौकी के प्रभारी कपिल पांडे और कचहरी सूरजपुर चौकी के प्रभारी अनिल कुमार शामिल हैं।
इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।
तीन एसीपी और थाना प्रभारी भी जांच के दायरे में
पुलिस कमिश्नरेट ने कार्रवाई को चौकी स्तर तक सीमित नहीं रखा है। जन शिकायतों की अनदेखी और उनके निस्तारण में कमी के मामलों में तीन एसीपी और तीन थाना प्रभारियों के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
जांच के दायरे में एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। इसके अलावा थाना सेक्टर-113, थाना बीटा-2 और थाना दादरी के प्रभारी निरीक्षकों के कामकाज की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा करना और यह पता लगाना है कि जन शिकायतों के समाधान में कमी किन कारणों से रही।
चोरी और अन्य अपराधों की रोकथाम में लापरवाही
जन शिकायतों के अलावा चोरी, घरों में सेंधमारी, वाहन चोरी और झपटमारी जैसी घटनाओं की रोकथाम में प्रभावी कार्रवाई न कर पाने के मामलों को भी समीक्षा में शामिल किया गया है। ऐसे मामलों में कई चौकी और हल्का प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
जांच के दायरे में थाना सेक्टर-126 की ओखला चौकी, थाना सेक्टर-39 की सेक्टर-98 चौकी, थाना इकोटेक-3 की सरस्वती इंक्लेव चौकी, थाना फेस-2 की कचहरी चौकी, थाना जारचा की कलौंदा चौकी, थाना कासना की सिरसा चौकी और थाना बिसरख की शाहबेरी/चिपियाना चौकी के प्रभारी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त थाना दनकौर के हल्का-1 और थाना इकोटेक-1 के हल्का-3 के प्रभारियों के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
पुलिस की लापरवाही पर पहले भी हुई कार्रवाई
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में कार्य में लापरवाही के मामलों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इससे पहले थाना सेक्टर-63 के प्रभारी निरीक्षक अमित काकरान को निलंबित किया था।
इन कार्रवाइयों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को जन शिकायतों के समाधान और अपराधों की रोकथाम को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है।
जन शिकायतों के समाधान पर जोर
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और समयबद्ध समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी शिकायत को लंबित रखने या गंभीरता से न लेने के मामलों में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।
