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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस आयोजन में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स ने भाग लिया। राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी की उपलब्धियों की सराहना की और भारत के साथ पार्टनरशिप के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने 'चंद्रयान-3' की सफलता को भी उजागर किया, जो भारत की वैज्ञानिक ताकत को दर्शाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों और व्यापारिक विचारों को बढ़ावा देना है।
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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया

भारत और फ्रांस के बीच इनोवेशन का नया अध्याय

फ्रांस के नीस में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 'भारत इनोवेट्स' (Bharat Innovates) कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन किया। इस विशेष आयोजन में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और वेंचर कैपिटल फंड्स एकत्रित हुए हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों और व्यापारिक विचारों को बढ़ावा देना है।


राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत और भारत के साथ पार्टनरशिप का महत्व

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में, राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री, नीस में आपका स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है। कुछ महीने पहले, हमने मुंबई में 'फ्रांस-भारत इनोवेशन वर्ष' की शुरुआत की थी। सवाल यह नहीं था कि क्या भारत इनोवेशन कर रहा है, बल्कि यह था कि भारत के साथ कौन इस पार्टनरशिप में शामिल होगा।"


पीएम मोदी को बधाई और उनकी उपलब्धियों की सराहना

राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा, "आप आजादी के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह आपके दृढ़ संकल्प और देश की ताकत को दर्शाता है। यह एक अद्वितीय उपलब्धि है, और हमें गर्व है कि आप हमारे बीच हैं।"


'चंद्रयान-3' की सफलता पर चर्चा

फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए 'चंद्रयान-3' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी है। चंद्रयान-3 मिशन के माध्यम से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारत की ताकत और नवाचार क्षमता को विश्व के सामने प्रस्तुत किया है।