प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, पर्यावरण संरक्षण में लीडरशिप की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी को मिला 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उनकी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के लिए सेशेल्स का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' प्रदान किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें ग्रीन डेवलपमेंट और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए उनके निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया है। भारत ने हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहचान बनाई है।
मई 2026 में मिला एग्रिकोला मेडल
यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। हाल ही में, मई 2026 में, संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन ने उन्हें सम्मानित किया था। यह पुरस्कार उन्हें वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था।
भारत और सेशेल्स के बीच अटूट मित्रता
सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने पीएम मोदी के साथ अपनी बैठक को विशेष बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करना मेरे लिए गर्व की बात है। हमारी चर्चा व्यापक और भविष्य की ओर केंद्रित थी, जो दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और विश्वास को दर्शाती है।" दोनों देशों ने अपने डिप्लोमैटिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ पर हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के अपने दृष्टिकोण को दोहराया।
140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का क्षण
इस सम्मान से अभिभूत पीएम मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह पुरस्कार मेरे लिए और 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व की बात है। मैं इस पुरस्कार को विनम्रता से स्वीकार करता हूं और इसे उन सभी देशों को समर्पित करता हूं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं।"
हिंद महासागर को साझा घर मानते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंद महासागर ने सदियों से हमारे संबंधों को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यह महासागर हम सभी का साझा घर है और इसकी सुरक्षा और विकास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यही विचार भारत के महासागर विजन का मूल आधार है।
आपसी सम्मान पर आधारित है साझेदारी
पीएम मोदी ने अपनी सेशेल्स यात्रा का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत एक ऐसे हिंद महासागर का सपना देखता है, जहां समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास दोनों बढ़ें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी साझेदारी देश के आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित है। पीएम मोदी शनिवार को अपने तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे, जहां राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका भव्य स्वागत किया।
