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प्रशांत किशोर ने बिहार में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को बिना किसी कारण के हिरासत में लिया गया। किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानें इस मामले में और क्या हुआ।
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प्रशांत किशोर का पुलिस के खिलाफ मोर्चा


बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को शिकायत दी और रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। किशोर ने कहा कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं जो दिखाते हैं कि चुनाव के दौरान जन सुराज के कार्यकर्ताओं को बिना किसी उचित कारण के निशाना बनाया गया।


रात में उठाए गए कार्यकर्ताओं का आरोप

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से अधिकांश पटना के निवासी थे। उनके अनुसार, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को रात में उनके घरों से उठाया, जबकि वे अपने घरों में सो रहे थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घर में मौजूद व्यक्ति कानून-व्यवस्था के लिए खतरा कैसे हो सकता है। उनका मानना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य चुनाव के दौरान जन सुराज के कार्यों को बाधित करना था।


BJP के इशारे पर काम करने का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जन सुराज के प्रमुख ने कहा कि पटना SSP निष्पक्षता से कार्य नहीं कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निर्देशों पर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पटना के वार्ड नंबर 22 में मतदाताओं को पुलिस के माध्यम से डराने और मतदान से रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस या BJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


गिरफ्तार लोगों को मीडिया के सामने पेश किया

प्रशांत किशोर ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए तीन व्यक्तियों को मीडिया के सामने पेश किया। उनका कहना था कि इन लोगों को बिना किसी वैध कारण के उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।


SSP को संविधान के अनुसार काम करने की चेतावनी

प्रशांत किशोर ने SSP को चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी राजनीति में शामिल होना चाहता है, तो उसे सरकारी सेवा छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अपनी ड्यूटी ईमानदारी और संविधान के अनुसार निभाइए। जन सुराज जीते या हारे, हमें डराया नहीं जा सकता।" उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर SSP के खिलाफ सेवा संबंधी कार्रवाई की मांग की जाएगी। फिलहाल, इस मामले में चुनाव आयोग या पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय नहीं आया है।