फाजिल्का में डिफेंस डैम के खिलाफ किसानों का आंदोलन, राज्यपाल से की मुलाकात
किसानों का आंदोलन राजभवन तक पहुंचा
चंडीगढ़/फाजिल्का - फाजिल्का के सीमावर्ती गांवों में प्रस्तावित डिफेंस डैम के निर्माण के खिलाफ किसानों का आंदोलन अब राजभवन तक पहुंच गया है। पिछले 18 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के तहत, युवा सामाजिक कार्यकर्ता करण गिल्होत्रा की अगुवाई में 'बन्न रोको चढ़दी कला संघर्ष मोर्चा' के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से चंडीगढ़ में मुलाकात की और अपनी मांगें प्रस्तुत कीं।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि प्रस्तावित डिफेंस डैम से सीमावर्ती गांवों के किसानों की उपजाऊ भूमि और आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि इससे कई गांव बारिश के दौरान बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। किसानों ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वह स्वयं क्षेत्र का दौरा करें ताकि उन्हें स्थिति की गंभीरता का पता चल सके। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के संभावित नुकसान को देखते हुए इसकी मौजूदा योजना पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए और प्रभावित ग्रामीणों की चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में किसान नेता परमजीत सिंह नूरशाह, हरीश नड्डा, कुलवंत सिंह, महल सिंह, सुखदेव सिंह, धीरा बराड़, साहिल कंबोज, पुरुषोत्तम सिंह, सुखदेव सिंह राणा, शाम लाल और बीरबल सिंह शामिल थे।
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यान से सुनी और किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से चर्चा करेंगे और किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
करण गिल्होत्रा ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों की आजीविका और हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल के हस्तक्षेप से सरकार किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
राज्यपाल के आश्वासन के बाद आंदोलनरत किसानों और ग्रामीणों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
