फ्रांस और जर्मनी में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन, हिंसा में कमी
फ्रांस में प्रदर्शनों की स्थिति
पेरिस, 1 नवंबर - फ्रांस में महंगाई के खिलाफ शनिवार को हुए प्रदर्शनों में पिछले दो सप्ताहांत की तुलना में कम हिंसा देखने को मिली, जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, सोमवार को स्कूलों के खुलने के बाद फिर से प्रदर्शन होने की संभावना है।
यूरोप के विभिन्न देशों में युवाओं द्वारा प्रेरित प्रदर्शनों में लाखों लोगों ने भाग लिया। कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं, लेकिन अधिकांश जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। पेरिस के पूर्वी हिस्से में, मार्च के समाप्त होने के बाद दंगाइयों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके, जिससे तीन पुलिसकर्मी घायल हुए और एक कार में आग लग गई।
जर्मनी में प्रदर्शन और हिंसा
एफिल टावर के पास, नकाबपोश समूहों ने पुलिस पर पटाखे फेंके, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की। इस बार 17 और 24 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों की तुलना में हिंसा कम थी।
17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में नगर निगम के एक भवन में आग लगा दी गई थी और 2,000 से अधिक दुकानों में लूटपाट हुई थी। पेरिस और मार्से की पुलिस ने कुछ दुकानों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की, लेकिन किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
युवाओं की मांगें और हिंसा की घटनाएं
जर्मनी में एक लाख से अधिक लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें अधिकांश युवा शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शिक्षा, आवास और जलवायु संरक्षण के लिए अधिक धन खर्च करने की मांग की। हालांकि, कुछ शहरों में रात के समय प्रदर्शन हिंसक हो गए।
फ्रैंकफर्ट में प्रदर्शन के बाद दंगाइयों ने पुलिस पर हमला किया और दुकानों में लूटपाट की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए और 30 लोगों को हिरासत में लिया गया।
कोलोन और बर्लिन में हिंसा
कोलोन में भी शनिवार रात को हिंसा भड़क उठी, जहां पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। बर्लिन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलों और आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से हमला किया।
युवा संगठन 'जेन जी रेगेल्ट' ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी कर कहा कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा से संबंधित नहीं है और अन्य समूहों की हिंसक गतिविधियों से उसका कोई संबंध नहीं है। पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में किफायती आवास की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद दंगा रोधी पुलिस ने रात में एक चौक पर एकत्र प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटा दिया।
