फ्रांस में छात्रों का आंदोलन: स्कूलों में आगजनी और हिंसा का सामना
पेरिस में छात्रों का गुस्सा फूटा
पेरिस: फ्रांस में स्कूलों की खराब स्थिति, बुनियादी सुविधाओं की कमी और पढ़ाई के लंबे घंटों के कारण छात्रों का गुस्सा भड़क उठा है। यह आंदोलन, जो पेरिस से शुरू हुआ, अब पूरे देश में फैल चुका है। शुक्रवार को सैकड़ों स्कूलों के गेट पर ताले जड़ दिए गए, और कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुईं। प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
564 स्कूलों में पढ़ाई ठप, पेरिस और ल्योन में आगजनी
564 स्कूलों में ठप हुई पढ़ाई
फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को देशभर के 564 स्कूलों में विरोध प्रदर्शन और गतिरोध की घटनाएं हुईं। शिक्षा मंत्री एडुआर गेफ्रे ने बताया कि देश के 3,700 हाई स्कूलों में से लगभग 400 स्कूलों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। पेरिस में उपद्रवियों ने 'लियोनार्ड डी विंची' और 'गैस्टन-बाशेलार्ड' हाई स्कूल के मुख्य द्वारों में आग लगा दी, जिसे दमकलकर्मियों ने बुझाया। ल्योन और मार्सेई जैसे शहरों में भी हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई स्कूलों को बंद करना पड़ा।
छात्रों की नाराजगी के कारण
भीषण गर्मी और स्टाफ की कमी से नाराज
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि फ्रांस की शिक्षा प्रणाली गंभीर संकट में है। कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन और कूलिंग की व्यवस्था न होने से गर्मी में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, लंबे पढ़ाई के घंटों और शिक्षकों की कमी के कारण नियमित कक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। छात्रों ने हाल ही में शिक्षा बजट में की गई कटौतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई है।
हिंसक आंदोलन में घायल और नुकसान
40 प्रिंसिपल समेत 235 लोग घायल
इस आंदोलन में 170 से अधिक छात्र और 65 स्कूल कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनमें 40 प्रिंसिपल भी शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान 100 से अधिक हाई स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस कार्रवाई और अभिभावकों की जिम्मेदारी
2,000 लोग हिरासत में
फ्रांस के न्याय मंत्री जेराल्ड डरमानिन ने बताया कि आंदोलन के दौरान लगभग 2,000 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से अधिकांश स्कूली नाबालिग हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान के लिए छात्रों के माता-पिता को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार ने स्वीकार की शिकायतें
सरकार ने छात्रों की कुछ शिकायतों को जायज माना है, लेकिन हिंसा और आगजनी की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने छात्रों के आंदोलन का फायदा उठाया है। सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को समझाएं और उन्हें हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकें।
