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बलूचिस्तान में लापता लोगों के मामले पर बढ़ा विरोध

बलूचिस्तान के नुश्की और केच ज़िलों में पांच लोग, जिनमें एक 17 वर्षीय ट्रक कंडक्टर भी शामिल है, कथित तौर पर गायब हो गए हैं। तुर्बत में महिलाओं ने लापता व्यापारियों की वापसी की मांग को लेकर धरना दिया है। इस बीच, 'वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स' द्वारा आयोजित एक लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन में लापता व्यक्तियों के परिवारों की पीड़ा को उजागर किया गया है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और परिवारों को अपने लापता सदस्यों के बारे में जानकारी क्यों नहीं मिल रही है।
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बलूचिस्तान में लापता व्यक्तियों की बढ़ती संख्या

बलूचिस्तान के नुश्की और केच ज़िलों में एक 17 वर्षीय ट्रक कंडक्टर सहित पांच व्यक्तियों को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया है। इसी बीच, तुर्बत में महिलाओं ने दो लापता व्यापारियों की वापसी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार, मुहम्मद आदिल को नुश्की में ज़मज़मा होटल के पास FC चेकपॉइंट के निकट दोपहर लगभग 1 बजे हिरासत में लिया गया। आदिल के परिवार को उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। वहीं, खान को सुबह उनके घर से FC, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के जवानों ने उठाया।


एक अन्य घटना में, 23 वर्षीय शाय मुरीद जमालदीनी को FC के जवानों ने नुश्की के किल्ली बट्टो क्षेत्र में उनके घर से उठाया। उनके परिवार को युवक की स्थिति और ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा, मज़ार और आसिम नाम के दो व्यापारियों को सोमवार शाम लगभग 6:15 बजे तुर्बत के नसीराबाद क्षेत्र में उनकी दुकानों से उठाया गया।


महिलाओं का धरना और लापता व्यक्तियों की जानकारी

लापता होने की खबर के बाद, महिलाओं ने स्थानीय FC कैंप के बाहर धरना देकर उन्हें वापस लाने की मांग की। खबर लिखे जाने तक उनकी रिहाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर 'वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स' (VBMP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का कैंप 6,386वें दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन लापता रिश्तेदारों के बारे में जानकारी पाने के लिए परिवारों के लंबे संघर्ष को दर्शाता है।


'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान बीबी शाहीन ने अपने बेटे कामरान खान के लापता होने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल, 2026 को क्वेटा में कमरानी रोड पर किल्ली कश्मीरबाद से उसे परिवार के सामने ही ले जाया गया था। हालांकि परिवार को आश्वासन दिया गया था कि पूछताछ के तीन दिन के भीतर उसे रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।