बांग्लादेश ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण में तेजी लाने की अपील की
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर बांग्लादेश की उम्मीदें
ढाका, चार अक्टूबर: बांग्लादेश ने रविवार को यह आशा व्यक्त की कि भारत अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करेगा। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ 'राजनीतिक मंशा' भी आवश्यक है। यह बयान भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत हसीना की वापसी के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दे सकता, क्योंकि ढाका का प्रत्यर्पण अनुरोध कानूनी जांच के अधीन है। विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने मीडिया को बताया, “इसमें कानूनी प्रक्रिया तो शामिल है, लेकिन राजनीतिक इरादा भी महत्वपूर्ण है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को नई दिल्ली और ढाका के बीच लागू प्रत्यर्पण संधि के तहत वापस लाया जा सकता है, तो मंत्री शमा ने कहा, “बिल्कुल।” उन्होंने आगे कहा, “आरोपी (हसीना) को संधि के तहत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।” हालांकि, कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या यह संधि उनके मामले में लागू होती है। त्रिवेदी ने शनिवार को ढाका में एक निजी विचार समूह की चर्चा के दौरान कहा था, “हसीना की वापसी के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई जा सकती।”
उन्होंने यह भी कहा, “भारत सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि इसके लिए एक प्रक्रिया है, जो कानूनी और सुव्यवस्थित है।” हसीना (79) पांच अगस्त 2024 को ढाका से भारत आई थीं, जब छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन, जिसे 'जुलाई विद्रोह' कहा जाता है, ने उनकी अवामी लीग सरकार को सत्ता से हटा दिया था।
