बांसवाड़ा में पिता की हत्या का चौंकाने वाला मामला: नाबालिग बेटे और दोस्तों ने मिलकर किया अपराध
बांसवाड़ा में हत्या का मामला
बांसवाड़ा: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। 21 अगस्त को चूलीपाड़ा गांव में 45 वर्षीय बादर सिंह मुनिया का शव उनके घर में फंदे से लटका हुआ मिला था। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन आगे की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बादर सिंह की हत्या की गई थी और शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाया गया था।
हत्या की साजिश का खुलासा
पुलिस के अनुसार, इस अपराध को मृतक के नाबालिग बेटे ने अपने सात दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
पिता से नाराज था बेटा
कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले बादर सिंह ने अपनी पत्नी लकमा और अपने इकलौते नाबालिग बेटे के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उन्होंने दोनों को घर से निकाल दिया था। इस घटना से बेटा अपने पिता से नाराज था। पुलिस की जांच में पता चला कि इसके बाद नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई। 20 अगस्त की रात सभी आरोपी पहले रूपगढ़ गांव में एक पार्टी के लिए इकट्ठा हुए और फिर बादर सिंह के घर पहुंचे।
हमले का तरीका
लोहे के पाइप और लाठी से हमला
पुलिस का कहना है कि घर पहुंचने के बाद नाबालिग और उसके दोस्तों ने बादर सिंह पर लोहे के पाइप, लाठी और लात-घूंसों से हमला किया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को रस्सी के फंदे से लटकाने का प्रयास किया ताकि यह दिख सके कि बादर सिंह ने आत्महत्या की है।
बादर सिंह का शव 21 अगस्त को फंदे से लटका मिला था। जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो कुछ बातें संदिग्ध नजर आईं। पुलिस को तब शक हुआ जब मृतक का नाबालिग बेटा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात से जुड़ी जानकारी दी। इसके बाद उसके दोस्तों की भूमिका भी सामने आई।
गिरफ्तारी और तलाश
पांच आरोपी गिरफ्तार, दो की खोज जारी
पुलिस ने मामले में मृतक के नाबालिग बेटे को हिरासत में लिया है। इसके अलावा उसके दोस्तों विक्रम, शैलेश, राजकुमार, अल्पेश और करण को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मामले में शामिल अजीत और अनिल की तलाश जारी है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
