बिहार के चार फिल्मी सितारे 2024 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में बिहार की पहचान
बिहार के चार प्रमुख फिल्मी व्यक्तित्वों को 2024 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह बिहार के लिए विशेष महत्व रखता है। अभिनेता संजय मिश्रा, निर्देशक कमलेश के. मिश्र, निर्माता मिंटी मिश्रा और फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर (केवाड़िया) में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन करेंगी। दरभंगा के संजय मिश्रा को फिल्म 'भक्षक' में उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का रजत कमल मिलेगा। यह फिल्म चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से प्रेरित है।
गोपालगंज के कमलेश के. मिश्र और मिंटी मिश्रा को फिल्म 'काकोरी' के लिए सर्वश्रेष्ठ जीवनीपरक/ऐतिहासिक पुनर्निर्माण/संकलन फिल्म का रजत कमल प्रदान किया जाएगा। यह फिल्म 1925 के ऐतिहासिक 'काकोरी ट्रेन एक्शन' पर आधारित है, जो स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देती है।
कमलेश के. मिश्र की फ़िल्म पहले भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी है। उनकी फ़िल्म 'मधुबनी: द स्टेशन ऑफ कलर्स' को गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ कथन का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला था। उनकी पहली फीचर फिल्म 'आज़मगढ़' आतंकवाद पर आधारित है।
संजय मिश्रा, जो तीन दशकों से अभिनय में सक्रिय हैं, ने 1995 में 'ओह डार्लिंग! ये है इंडिया!' से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें 'आंखों देखी' (2015) और 'वध' (2022) में बेहतरीन अभिनय के लिए दो बार फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड मिल चुका है।
सीतामढ़ी के संजीव श्रीवास्तव को हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक के लिए स्वर्ण कमल मिलेगा। वह लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता और फिल्म लेखन में सक्रिय हैं।
कमलेश के मिश्र ने 'काकोरी' को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर खुशी व्यक्त की और इसे समाज और इतिहास को ईमानदारी से प्रस्तुत करने का प्रयास बताया। उन्होंने इस सम्मान को काकोरी के बलिदानियों को समर्पित किया।
मिंटी मिश्रा ने कहा कि काकोरी जैसी ऐतिहासिक घटना पर फिल्म बनाना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस फिल्म के निर्माण में सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
