बिहार बंद: छात्रों का आंदोलन, तेज प्रताप यादव हिरासत में
बिहार बंद का प्रभाव
बिहार बंद: पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। बिहार के कई जिलों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। बिहार बंद के आह्वान के चलते पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया था, लेकिन कई स्थानों पर पथराव और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं। तेज प्रताप यादव भी छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
गया में बिहार बंद का असर मिला-जुला रहा। शहर में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सुबह से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। गया पुलिस ने पर्याप्त संख्या में जवानों की तैनाती की है। मधेपुर में भी विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और कॉलेज चौक पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
समस्तीपुर में भी बिहार बंद का असर देखने को मिला। शहर के पटेल गोलंबर पर बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी की और कई लोग बीच सड़क पर बैठकर प्रतीकात्मक विरोध जताते रहे, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
सीवान के गांधी मैदान में छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई। इस दौरान छात्रों का आक्रोश बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
पटना में छात्रों के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह अपने समर्थकों के साथ विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने निकले थे, लेकिन पटना जंक्शन के पास पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद तेज प्रताप के समर्थकों ने आक्रोश जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
