बिहार में पेपर लीक मामले में डॉक्टर की गिरफ्तारी, EOU ने की बड़ी कार्रवाई
बिहार में पेपर लीक नेटवर्क पर कार्रवाई
पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ चल रही कार्रवाई में इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) के पेपर लीक मामले में डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह प्रश्नपत्र के सीलबंद बक्से को बिना नुकसान पहुंचाए खोलने और दोबारा सील करने में माहिर था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी प्राप्त की जा सके।
जांच एजेंसी का कहना है कि डॉ. मनीष और उसके नेटवर्क पर 30 अभ्यर्थियों से लगभग 1.20 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है। आरोप है कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
💟BPSC TRE 3💟
— शिक्षक अभ्यर्थी TRE4.0 (@Ravi_Ranjan940) July 28, 2026
TRE 3 पेपर लीक मामले में EOU की बड़ी कार्रवाई।
✅ MBBS डॉक्टर मनीष कुमार गिरफ्तार।
✅ आरोप है कि 30 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की साजिश रची गई और प्रति अभ्यर्थी ₹50,000 वसूले गए।#BPSC #TRE3 #PaperLeak pic.twitter.com/r1DfWPNAob
जांच में और क्या आया सामने?
EOU के अनुसार, डॉ. मनीष पहले सरकारी डॉक्टर थे, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद पटना में NEET PG की तैयारी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि वह कथित तौर पर डॉ. शिव और डॉ. शुभम के साथ मिलकर पेपर लीक गिरोह का संचालन कर रहे थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि 15 मार्च 2024 को आयोजित BPSC TRE परीक्षा से पहले पटना के एक होटल में लगभग 30 अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। इस मामले में 14 मार्च 2024 को कोहिनूर होटल में छापेमारी भी की गई थी, लेकिन उस समय डॉ. मनीष वहां से फरार होने में सफल रहे थे।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि डॉ. मनीष कथित तौर पर पेपर लीक के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का करीबी सहयोगी है। इसी कड़ी में EOU ने PMCH और NMCH के छात्रों से जुड़े आंकड़ों की जांच की। होटल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी डॉ. मनीष तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों के अनुसार, BPSC TRE 2024 पेपर लीक मामले में अब तक 296 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल थे और पेपर लीक की पूरी साजिश किस तरह अंजाम दी गई।
EOU का कहना है कि डॉ. मनीष से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मामले की जांच जारी है और एजेंसी सभी तकनीकी तथा दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
