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बिहार में बोरवेल में गिरे बच्चे का सफल रेस्क्यू

गया जिले के कठौतिया केवाल पंचायत में एक चार वर्षीय बच्चा बोरवेल में गिर गया, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। एनडीआरएफ की टीम ने सात घंटे की मेहनत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। जानें इस रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी।
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बिहार के गया में दर्दनाक घटना


गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के कठौतिया केवाल पंचायत में शुक्रवार शाम को एक गंभीर घटना घटी। चार वर्षीय पीयूष कुमार खेलते समय अचानक एक खुले बोरवेल में गिर गया। यह बोरवेल लगभग 300 फीट गहरा है, और बच्चा 30 से 35 फीट की गहराई पर फंस गया। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों में चिंता फैल गई।


प्रशासन की तत्परता

जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बचाव कार्य शुरू करने के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया।


रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया

बचाव कार्य के दौरान सबसे पहले बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गैस सिलेंडर और पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन लगातार भेजी गई ताकि बच्चे को सांस लेने में कोई कठिनाई न हो। बच्चे की स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष कैमरा भी बोरवेल में उतारा गया। इसके अलावा, पोकलेन मशीन की मदद से समानांतर खुदाई की गई। बचाव दल ने पूरी सावधानी बरती ताकि बच्चे तक सुरक्षित पहुंचा जा सके। इस दौरान पाइप के जरिए बच्चे को पानी भी दिया गया। अधिकारियों ने बच्चे की मां को मौके पर बुलाकर पाइप के माध्यम से बच्चे से बात कराई, जिससे उसका हौसला बना रहे।


सात घंटे की मेहनत का परिणाम

लगभग सात घंटे की कठिन मेहनत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने रात करीब 1:50 बजे बच्चे को सुरक्षित बोरवेल से बाहर निकाल लिया। जैसे ही बच्चा बाहर आया, वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। उसे तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।