बिहार में मानसून की सुस्ती, गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद कम
बिहार में मानसून का कमजोर प्रभाव
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव अपेक्षा से कमज़ोर बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, जुलाई में भी राज्य में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। मानसून की धीमी गति के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम है।
तापमान में वृद्धि की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे महीने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
उमस और बारिश की स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य के कई क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भारी वर्षा भी संभव है। हालांकि, लगातार नमी और ऊंचे तापमान के कारण उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी।
विशेष रूप से दक्षिण बिहार के कई हिस्सों, जिसमें राजधानी पटना भी शामिल है, वहां उत्तर बिहार की तुलना में कम बारिश होने की संभावना है। पटना समेत कई जिलों में गुरुवार को बादलों की आवाजाही और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है।
भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण के कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी वर्षा के लिए चेतावनी जारी की है। इन जिलों के निवासियों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अन्य जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है। बुधवार को मधुबनी और मुंगेर को छोड़कर अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में समस्तीपुर में 39 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, जिसने स्थानीय मौसम को प्रभावित किया।
