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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित हुआ बैंकिंग कार्य

हाल ही में देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ने बैंकिंग सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस हड़ताल का मुख्य कारण पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और अन्य बैंकों के बंद होने से चेक क्लीयरेंस, नकद जमा और निकासी जैसी सेवाएं ठप हो गई हैं। जानें इस हड़ताल के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
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बैंकिंग सेवाओं में ठहराव


नई दिल्ली। देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ने बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित किया है। शुक्रवार को, कर्मचारियों ने पांच दिन के कार्य सप्ताह और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की। इस हड़ताल के चलते भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक समेत कई सरकारी और कुछ निजी बैंक बंद रहे।


बैंकों के बंद रहने से चेक क्लीयरेंस, नकद जमा और निकासी, एफडी रिन्यूअल और सरकारी खजाने से संबंधित सभी कार्य ठप हो गए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने दो साल से लंबित फाइव डे वर्किंग की मांग को लेकर एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया था। इस कारण 11 सितंबर को सभी बैंक बंद रहे। अब 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण सभी बैंक फिर से बंद रहेंगे।


तीन दिन की छुट्टी के बाद बैंक सोमवार को फिर से खुलेंगे। हड़ताल से पहले बैंकों ने अपने ग्राहकों को सूचित किया था कि हड़ताल के कारण शाखा स्तर की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इस दौरान यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी।


बैंक कर्मचारियों के संघ का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते और नौंवे जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसमें फाइव डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी, जिसके तहत कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अधिक काम करेंगे। आईबीए ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय से इसे मंजूरी नहीं मिली है।