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भगवान विश्वकर्मा के योगदान को उजागर करने वाला विशेष पोर्ट्रेट चंडीगढ़ में जारी

चंडीगढ़ में भगवान श्री विश्वकर्मा जी का विशेष पंचमुखी पोर्ट्रेट जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। यह पोर्ट्रेट भगवान विश्वकर्मा के जीवन और उनके योगदान को उजागर करता है, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
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भगवान विश्वकर्मा के योगदान को उजागर करने वाला विशेष पोर्ट्रेट चंडीगढ़ में जारी

भगवान विश्वकर्मा की महिमा का प्रचार


चंडीगढ़: भगवान श्री विश्वकर्मा जी की महानता और उनके योगदान को समाज में फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पटियाला की श्री भगवान विश्वकर्मा मंदिर कमेटी द्वारा तैयार किया गया एक विशेष पंचमुखी पोर्ट्रेट पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां द्वारा जारी किया गया। यह अवसर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।


विशेष पोर्ट्रेट का महत्व

इस कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ में हुआ, जिसमें कमेटी के पदाधिकारियों और रामगढ़िया समाज के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए। कमेटी ने बताया कि यह पोर्ट्रेट भगवान विश्वकर्मा के जीवन, उनके शिक्षाओं और समाज के प्रति उनके योगदान को लोगों तक पहुंचाने के प्रयास का हिस्सा है।


पोर्ट्रेट की विशेषताएँ

कमेटी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह रामगढ़िया ने बताया कि इस पोर्ट्रेट को प्रसिद्ध दिवंगत कलाकार गोबिंदर सोहल ने बनाया है। इसमें भगवान श्री विश्वकर्मा जी के पंचमुखी स्वरूप को आकर्षक तरीके से दर्शाया गया है। पोर्ट्रेट के निचले हिस्से में उनके जीवन और ऐतिहासिक योगदान का संक्षिप्त विवरण भी दिया गया है, जिससे लोग उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें।


धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता

कमेटी का कहना है कि वे लंबे समय से भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों और शिक्षाओं को समाज में फैलाने के लिए प्रयासरत हैं। यह पोर्ट्रेट भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से लोगों में अपने धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।


स्पीकर संधवां की सराहना

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और श्रम के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि समाज को अपने महान व्यक्तित्वों की विचारधारा और विरासत से जोड़ने के लिए ऐसे प्रयास आवश्यक हैं। उनके अनुसार, यह पोर्ट्रेट विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर कमेटी के चेयरमैन रामकिशन रल्लण, वरिष्ठ उपप्रधान सुरजीत सिंह धीमान, उपप्रधान बलजिंदर सिंह जंडू, सचिव जगजीत सिंह सग्गू, प्रेस सचिव गुरदीप सिंह मेहता, खजांची अमन गहीर सहित रामगढ़िया समाज के कई प्रमुख सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने धार्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण के संदेश को मजबूती से आगे बढ़ाने का कार्य किया।