भाई घनैया जी मानवतावादी सेवा दिवस की मांग, PM मोदी को पत्र
पंजाब विधानसभा के स्पीकर की महत्वपूर्ण अपील
पंजाब: पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सुझाव दिया है कि हर साल 20 सितंबर को 'भाई घनैया जी मानवतावादी सेवा दिवस' के रूप में मनाया जाए, जो महान मानवतावादी भाई घनैया जी की स्मृति में होगा।
भाई घनैया जी की मानवता की मिसाल
अपने पत्र में स्पीकर ने उल्लेख किया कि भाई घनैया जी ने करुणा, निस्वार्थ सेवा और भाईचारे का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी सेवाएं आज भी विश्वभर में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। 1704 में आनंदपुर साहिब के युद्ध के दौरान, भाई घनैया जी ने घायल सैनिकों की सहायता की, बिना किसी भेदभाव के पानी और प्राथमिक उपचार प्रदान किया।
राष्ट्रीय मानवता सेवा दिवस की स्थापना की अपील
भाई घनैया जी मिशन के संस्थापक प्रोफेसर बहादुर सिंह सुनेत ने बताया कि भाई घनैया जी की सेवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने भारत सरकार, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस से भी संपर्क किया है।
प्रोफेसर सुनेत ने कहा कि यदि इस दिन को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाए, तो मानवता की सेवा का संदेश और भी मजबूत होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय भाईचारे और विश्व शांति का संदेश फैलाने में मदद मिलेगी।
भाई घनैया जी की कहानी सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने युद्ध के मैदान में भी मानवता को प्राथमिकता दी। उनकी सेवाएं आज भी प्रासंगिक हैं, खासकर जब दुनिया में कई स्थानों पर संघर्ष और विवाद चल रहे हैं। उनकी मिसाल हमें यह सिखाती है कि इंसानियत सबसे महत्वपूर्ण है।
