भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में नया मोड़: अमेरिकी प्रतिनिधि का दौरा
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में एक नया मोड़ आया है, जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत का दौरा करने वाले हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी राजदूत ने इस बात की पुष्टि की है कि ग्रीर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इस लेख में व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा और संभावित समझौतों के बारे में जानकारी दी गई है, जो दोनों देशों के व्यापार संबंधों को और मजबूत कर सकती है।
| Jun 22, 2026, 20:11 IST
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का नया चरण
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने के बाद, इस सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की कि जेमिसन ग्रीर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई बैठकें निर्धारित हैं।
व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा का महत्व
अमेरिकी राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते और बटरल ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच रही है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भी पुष्टि की है कि जेमिसन ग्रीर भारत दौरे के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान अंतरिम समझौते की रूपरेखा और आगे की रणनीति पर विस्तार से विचार किया जाएगा। यह घटनाक्रम हाल ही में G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद सामने आया है। अमेरिका का कहना है कि फरवरी 2025 में दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद व्यापार समझौते को लेकर बातचीत को गति मिली है।
द्विपक्षीय व्यापार का महत्व
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब $90 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। दोनों सरकारें इस आंकड़े को आने वाले वर्षों में और बढ़ाने की योजना बना रही हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का भारत दौरा इस बात का संकेत है कि दोनों देश लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो पहले अंतरिम समझौते पर सहमति बन सकती है, जिसके बाद व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का रास्ता आसान हो जाएगा। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय निर्यात पर लगाए गए कुछ टैरिफ में राहत दे, जबकि अमेरिका भारतीय बाजार में अपने कृषि और खाद्य उत्पादों के लिए अधिक पहुंच की मांग कर रहा है। इसके अलावा, डेयरी उत्पाद, कृषि क्षेत्र, डिजिटल व्यापार, मेडिकल उपकरणों और ई-कॉमर्स से जुड़े नियम भी बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। भारत घरेलू किसानों और छोटे उद्योगों के हितों को देखते हुए कुछ क्षेत्रों में सावधानी बरत रहा है, जबकि अमेरिका बाजार को अधिक खोलने की मांग कर रहा है।
