भारत-ए ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में श्रीलंका-ए को हराया
भारत-ए की शानदार जीत
दांबुला में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में भारत-ए ने श्रीलंका-ए को 66 रन से मात दी। इस मैच में भारत के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने केवल 29 गेंदों में 94 रन बनाकर सभी का ध्यान खींचा।
रांगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में टॉस हारने के बाद भारतीय टीम ने बल्लेबाजी शुरू की और 9 विकेट के नुकसान पर 377 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 53 गेंदों में 132 रन जोड़े। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो 'लिस्ट-ए' क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी बन गई। उन्होंने 29 गेंदों में 8 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 94 रन बनाए।
इसके बाद प्रियांश आर्य (39) के आउट होने के बाद कप्तान तिलक वर्मा ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़े। गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए। तिलक वर्मा ने कुमार कुशाग्र (36) के साथ चौथे विकेट के लिए 63 रन जोड़े और 90 गेंदों में 67 रन बनाकर आउट हुए। अन्य बल्लेबाजों ने भी छोटी-छोटी पारियां खेलकर भारत को 377/9 के स्कोर तक पहुंचाया। श्रीलंकाई गेंदबाजों में कुगाथास मथुलन, रविंदु फर्नांडो और वानुजा सहान ने 2-2 विकेट लिए।
श्रीलंकाई टीम ने जवाब में 47.1 ओवर में 311 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। उन्होंने 75 रन पर 3 विकेट खो दिए थे। सदीरा समरविक्रमा (52) और कप्तान सहान अराच्चिगे (38) ने चौथे विकेट के लिए 53 रन जोड़े। हालांकि, श्रीलंकाई टीम ने 177 रन पर 6 विकेट खो दिए थे। वानुजा सहान (62) ने विजयकांत वियासकांत (39) के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 77 रन जोड़े, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की ओर से यश ठाकुर और विपराज निगम ने 3-3 विकेट लिए, जबकि अनुकूल रॉय ने 2 विकेट निकाले।
