Newzfatafatlogo

भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नई प्रगति

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने वियतनाम की भूमिका को भारत की क्षेत्रीय पहुंच में महत्वपूर्ण बताया और दोनों देशों के बीच उन्नत रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वियतनाम के प्रधानमंत्री की भागीदारी की सराहना की और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस लेख में जानें कि कैसे भारत और वियतनाम की दोस्ती और सहयोग बढ़ रहा है।
 | 

भारत और वियतनाम के संबंधों में सुधार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को बताया कि जॉइंट कमीशन की पिछली बैठक के बाद से भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों में "काफी प्रगति" हुई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग के साथ हुई बैठक में जयशंकर ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हो रही है कि पिछले तीन वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। वियतनाम से दो महत्वपूर्ण राजकीय दौरे हुए हैं, जिनमें हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का दौरा शामिल है। इस यात्रा के दौरान, नेताओं ने इसे एक बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप दिया। उन्होंने कहा कि यह 19वीं जॉइंट कमीशन मीटिंग हमें किए गए वादों की समीक्षा करने और उच्चतम स्तर पर राजनीतिक गति को ठोस नतीजों में बदलने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।


वियतनाम की भूमिका पर जोर

जयशंकर ने भारत की क्षेत्रीय पहुंच में वियतनाम की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "हमारे लिए, इंडो-पैसिफिक में 'महासागर' (MAHASAGAR) के हमारे दृष्टिकोण और भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में वियतनाम एक महत्वपूर्ण साझेदार है।" उन्होंने आगे कहा, "आसियान के साथ हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे में भी वियतनाम उतना ही महत्वपूर्ण है।" जयशंकर ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री हंग की भागीदारी के लिए भी धन्यवाद दिया और कहा, "मैं आज आपके साथ एक उपयोगी और सार्थक चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।"


ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय चर्चा

शनिवार को, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय की एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने 'पार्टनर कंट्री' के रूप में ब्रिक्स समिट में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। मई में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति 'तो लाम' की भारत यात्रा के दौरान इन संबंधों को 'एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया गया था।


भारत-वियतनाम की पुरानी दोस्ती

विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी महत्व के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-वियतनाम साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रालय ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच एक पुरानी और भरोसेमंद दोस्ती है, जो साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित है। मंत्रालय ने आगे कहा कि वियतनाम 'भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का एक मुख्य स्तंभ है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।