भारत और साइप्रस के बीच बढ़ते सहयोग के संकेत
भारत और साइप्रस के बीच सहयोग की नई संभावनाएँ
भारत में साइप्रस के उच्चायुक्त इवागोरस व्रियोनिडेस ने बताया कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा जारी है, जिसमें पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और रक्षा शामिल हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस का दौरा किया था, जिसके दौरान 2025 से 2029 तक के लिए एक संयुक्त कार्य योजना पर काम करने का निर्णय लिया गया था।
ग्यारह महीने पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस की यात्रा की थी। हाल ही में, राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने भारत का दौरा किया, जिसकी शुरुआत मुंबई से हुई और इसके बाद वे नई दिल्ली पहुंचे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और मुंबई में साइप्रस व्यापार केंद्र की स्थापना की घोषणा की।
साइप्रस के राष्ट्रपति ने 23 मई को अपनी भारत यात्रा समाप्त की, जिसमें नई दिल्ली और निकोसिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया। इस दौरान व्यापार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स को विदा किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने भारत और साइप्रस के संबंधों को मजबूत किया है और एक नए दौर की शुरुआत की है। यह यात्रा आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और कूटनीतिक जुड़ाव में बढ़ती सहमति को दर्शाती है।
