भारत-जापान आर्थिक सहयोग: नया प्लांट और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
दिल्ली में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने नए वाहन निर्माण प्लांट का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया गया। ताकाइची ने कहा कि स्वतंत्रता की रक्षा और समृद्ध भविष्य के लिए सहयोग आवश्यक है। इसके अलावा, गोबर से गैस उत्पादन की नई पहल और 2 ट्रिलियन येन के निवेश के साथ व्यापार का विस्तार भी चर्चा का विषय रहा।
| Jul 2, 2026, 17:48 IST
भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच का उद्घाटन
दिल्ली में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के चौथे वाहन निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। यह नया संयंत्र दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
सामूहिक समृद्धि का संदेश
जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने मंच पर अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में वैश्विक व्यापार में पाबंदियां और तनाव बढ़ रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रों की आत्मनिर्भरता और ताकत को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने "साथ मिलकर मजबूत और समृद्ध बनने" का संदेश दिया। ताकाइची ने यह भी कहा कि उनका दृष्टिकोण हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी की महासागर पहल से पूरी तरह मेल खाता है।
स्वतंत्रता की रक्षा में सहयोग
ताकाइची ने ऊर्जा सुरक्षा को दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि जापान और भारत, जो कि दो बड़े लोकतांत्रिक देश हैं, कानून के शासन को बनाए रखने, सभी प्रकार के दबावों का सामना करने, स्वतंत्रता की रक्षा करने और एक समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगे।
गोबर से गैस उत्पादन की नई पहल
ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जापानी प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने और पीएम मोदी ने मिलकर जापान-भारत सीबीजी पहल की शुरुआत करने पर सहमति जताई है। इस योजना के तहत, सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गाय के गोबर और अन्य जैविक कचरे का उपयोग करके कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार का विस्तार: 2 ट्रिलियन येन का निवेश
आर्थिक सहयोग के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए, जापानी पीएम ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों की निजी कंपनियों के बीच लगभग 129 व्यापारिक समझौते हुए हैं। इसके तहत भारत में 2 ट्रिलियन जापानी येन से अधिक का निवेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई जापानी कंपनियां भारत को एक मजबूत आधार मानकर अफ्रीका महाद्वीप में अपने व्यापार का विस्तार कर रही हैं।
