भारत ने अमेरिका के खिलाफ जताया कड़ा विरोध, भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
भारत का कड़ा विरोध
भारत ने अमेरिका के खिलाफ एक मजबूत प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक सैन्य ऑपरेशन के तहत भारतीय नाविकों को नुकसान पहुँचाया। यह घटना ओमान के तट के निकट हुई, जब अमेरिकी बलों ने पलाऊ के झंडे वाले ऑयल टैंकर M/T सेटेबेलो (M/T Settebello) को रोका। CENTCOM के अनुसार, इस जहाज पर ईरान से तेल ले जाने के आरोप में सटीक निशाना साधने वाले हथियारों का उपयोग किया गया। इस हमले के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया। अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने भारत की गहरी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा कि देश के नाविक समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक ब्रीफिंग में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि समुद्री यात्रा करने वाले समुदाय की सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत का एक बड़ा समुद्री समुदाय है, जो विश्वभर में फैला हुआ है, और कई नाविक फारस की खाड़ी और पश्चिम एशिया में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा, "जब सेटेबेलो पर हमला हुआ, तो हमने अमेरिकी पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया।"
नाविकों की सुरक्षा पर जोर
जायसवाल ने कहा कि भारत ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, "हमने यह स्पष्ट किया कि हमारे समुद्री समुदाय की भलाई बहुत महत्वपूर्ण है और हमलों को रोकना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने कूटनीति और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर जोर दिया है।
कमर्शियल जहाज पर हमले की निंदा
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज 'सेटेबेलो' पर हुए हमले की निंदा की गई है। जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया है, जबकि तीन लापता हैं। ओमान में भारतीय एम्बेसी स्थिति पर नजर रख रही है और खोज एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रही है।
क्षेत्र में सुरक्षा की आवश्यकता
बयान में कहा गया है कि इस क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हमले चिंताजनक हैं और ये संघर्ष का परिणाम हैं। भारत ने तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए बातचीत को जारी रखने की मांग की है।
