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भारत में अमेरिकी दूतावास ने 20.5 अरब डॉलर का निवेश जुटाया

भारत में अमेरिकी दूतावास ने इस वर्ष 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश आकर्षित किया है, जिससे यह विश्वभर के सभी अमेरिकी दूतावासों में पहले स्थान पर पहुंच गया है। राजदूत सर्जियो गोर ने इस उपलब्धि को भारत में बढ़ते विश्वास और दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां अब भारत में निवेश करने में अधिक विश्वास दिखा रही हैं। गोर ने निवेशकों से अपील की कि वे किसी भी समस्या के लिए सीधे दूतावास से संपर्क करें।
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अमेरिकी राजदूत का बयान

वाशिंगटन: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जानकारी दी है कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस वर्ष अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश आकर्षित किया है। इस उपलब्धि के साथ, भारत में अमेरिकी मिशन ने निवेश के मामले में विश्वभर के सभी अमेरिकी दूतावासों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।


सर्जियो गोर ने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के लीडरशिप समिट में कहा कि यह उपलब्धि भारत में बढ़ते विश्वास और दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों का संकेत है।


उन्होंने कहा, “हमारी सभी अमेरिकी दूतावासों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है। इस साल नई दिल्ली स्थित दूतावास ने 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश अमेरिका तक पहुंचाया और हम अन्य सभी मिशनों से काफी आगे रहे। यह हमारे लिए गर्व की बात है।”


गोर ने बताया कि आज भारत एक विश्वसनीय निवेश गंतव्य बन चुका है, जिसके कारण अमेरिकी कंपनियां भारत के साथ सहयोग में अधिक विश्वास दिखा रही हैं।


उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी कंपनियां उनसे पूछती हैं कि क्या भारत में निवेश करना सुरक्षित है, तो उन्हें गर्व के साथ जवाब देने का मौका मिलता है कि अमेरिका भारत पर भरोसा करता है।


राजदूत ने अपने छह महीने के कार्यकाल के दौरान भारत में कई सकारात्मक बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दूतावास अब केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका ध्यान ठोस आर्थिक परिणामों पर है।


गोर ने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं, हम परिणामों पर काम करते हैं। मेरा उद्देश्य इस महत्वपूर्ण साझेदारी को और मजबूत करना है।”


उन्होंने निवेशकों से अपील की कि यदि किसी निवेश या कारोबारी परियोजना में कोई समस्या आती है, तो वे सीधे दूतावास से संपर्क करें।


गोर ने कहा, “हमारा दूतावास आपके लिए हमेशा खुला है। आइए, हमसे मिलिए और बताइए कि हम आपकी किस तरह मदद कर सकते हैं।”


अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार आर्थिक कूटनीति को विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।


उन्होंने कहा, “कोई भी सौदा छोटा नहीं होता। यदि किसी निवेश से अमेरिका में रोजगार पैदा होता है, तो राष्ट्रपति उस कंपनी के समर्थन में फोन करने के लिए भी तैयार रहते हैं।”


गोर ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ तकनीक, रक्षा, विमानन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कारोबारी संबंधों को और मजबूत करना चाहता है।


उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ कॉमर्शियल डिप्लोमेसी भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है।