भारत में एलन मस्क का स्टार लिंक इंटरनेट और डेटा सुरक्षा की नई दिशा
एलन मस्क का भारत में इंटरनेट सेवा का प्रयास
अमेरिकी उद्यमी एलन मस्क भारत में सेटेलाइट आधारित स्टार लिंक इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, उनका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है, बल्कि अरबों भारतीयों के डेटा पर नजर रखना है। डिजिटल युग में डेटा को नया तेल कहा जाता है, जो कि तेल से भी अधिक मूल्यवान है। जबकि मस्क की नजर करोड़ों भारतीयों के डेटा पर है, भारत ने इस डेटा की सुरक्षा के लिए लेजर लाइट के माध्यम से एक नया प्रयोग किया है। इस प्रयोग में हवा में लेजर लाइट का उपयोग करके एक ऐसा डिजिटल डेटा भेजा गया है जिसे कोई भी हैकर न तो देख सकता है और न ही चुरा सकता है। यह डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारत ने इसे अपने बल पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
डिजिटल डेटा का महत्व
आप जो भी इंटरनेट पर करते हैं, वह सब डेटा के रूप में रिकॉर्ड होता है। इसमें आपका नाम, फोन नंबर, उम्र, तस्वीरें, और आपके द्वारा देखे गए वीडियो शामिल हैं। यदि किसी के पास किसी व्यक्ति की इतनी जानकारी हो, तो वह उस व्यक्ति को नियंत्रित कर सकता है। कल्पना कीजिए कि यदि आपके पास भारत के 140 करोड़ लोगों की ऐसी जानकारी हो, तो आप देश में क्या कर सकते हैं।
क्वांटम डेटा सुरक्षा की आवश्यकता
वर्तमान में इंटरनेट की सुरक्षा RSA और ECC जैसे सिस्टम पर निर्भर करती है। भविष्य में शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर इन एन्क्रिप्शन तरीकों को तोड़ सकते हैं। इस चिंता के चलते, हमलावर एन्क्रिप्टेड डेटा चुरा सकते हैं और बाद में उसे डिकोड करने का प्रयास कर सकते हैं। QKD एक नया तरीका अपनाता है, जो क्वांटम भौतिकी के नियमों का उपयोग करके सीक्रेट की बनाता है। यदि कोई क्वांटम सिग्नल को रोकने की कोशिश करता है, तो सिग्नल बदल जाता है, जिससे पता चलता है कि कोई सुनने की कोशिश कर रहा है।
5.56 किमी से अंतरिक्ष तक का प्रयोग
5.56 किमी का यह प्रयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सेटेलाइट-आधारित क्वांटम संचार के लिए आवश्यक तकनीकों का परीक्षण किया गया है। वायुमंडल में यात्रा करने वाले लेजर या क्वांटम सिग्नल को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों का परीक्षण करने से तकनीक को अंतरिक्ष के लिए तैयार करने में मदद मिलती है। ISRO इस दिशा में पहले से ही काम कर रहा है और आने वाले टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन मिशन के लिए 'क्वांटम टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन इन स्पेस' (QuTDS) पेलोड तैयार कर रहा है।
