भारत में तुर्की की एयरलाइन कंपनी सेलेबी एविएशन की सुरक्षा मंजूरी रद्द
भारत सरकार ने तुर्की की एयरलाइन कंपनी सेलेबी एविएशन की सुरक्षा मंजूरी को रद्द कर दिया है, जिसके कारण कंपनी को लगभग 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। यह निर्णय 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद लिया गया, जब पाकिस्तान को तुर्की से सैन्य सहायता मिली थी। जानें इस फैसले के पीछे की वजहें और इसके प्रभाव।
| Jun 16, 2026, 19:09 IST
सेलेबी एविएशन की सुरक्षा मंजूरी रद्द होने का असर
पाकिस्तान को तुर्की से मिली सैन्य सहायता के चलते भारतीय हवाई अड्डों से हटाए जाने के एक साल बाद, तुर्की की एविएशन कंपनी 'सेलेबी एविएशन' के चेयरमैन ने कहा है कि अचानक सुरक्षा मंजूरी रद्द होने के कारण कंपनी को लगभग 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। कैनन सेलेबिओग्लू ने ब्लूमबर्ग के साथ बातचीत में बताया कि भारत सरकार के इस निर्णय ने उनके द्वारा 2000 से बनाए गए बाजार को समाप्त कर दिया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद सेलेबी एविएशन को हटाने का निर्णय लिया गया, जो भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सशस्त्र संघर्ष के दौरान हुआ। इस दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को हथियारों और सैनिकों की तैनाती के जरिए समर्थन दिया था।
भारत सरकार की कार्रवाई और उसके परिणाम
मई 2025 में भारत सरकार की कार्रवाई से पहले, सेलेबी एविएशन एक प्रमुख कंपनी थी, जो नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित नौ प्रमुख हब पर ग्राउंड-हैंडलिंग सेवाएं प्रदान करती थी। हालांकि, 15 मई 2025 को भारत के हवाई हमलों के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कंपनी की सुरक्षा मंजूरी को तुरंत रद्द कर दिया। यह निर्णय पाकिस्तान को तुर्की की सैन्य सहायता मिलने की खबरों के बाद लिया गया। केंद्र सरकार ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सेलेबी एविएशन का लाइसेंस रद्द किया, यह कहते हुए कि यह कदम राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक था।
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई में सेलेबी एविएशन की भारतीय शाखा के ऑपरेटिंग लाइसेंस रद्द करने के केंद्र सरकार के निर्णय को सही ठहराया। भारत द्वारा सुरक्षा मंजूरी रद्द किए जाने से पहले, सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज़ इंडिया देश की सबसे बड़ी ग्राउंड-हैंडलिंग ऑपरेटर बन चुकी थी। यह कंपनी हर साल लगभग 58,000 उड़ानों और 5,40,000 टन कार्गो का संचालन करती थी।
